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साल में बस एक बार खुलता है नागचंद्रेश्वर का यह खास मंदिर,


इन दिनों भगवान शिव का प्रिय सावन मास चल रहा है। इस महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 28 जुलाई , शुक्रवार को है। नागपंचमी पर नागों की पूजा करने का विधान है। इस दिन देश भर के विभिन्न नाग मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन में भी भगवान नागचंद्रेश्वर का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर की विशेषता है कि यह साल में सिर्फ एक बार (नागपंचमी पर) ही खुलता है।

कहां स्थापित है यह मंदिर
नागचंदे्रश्वर का मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के सबसे ऊपरी तल पर स्थित है। इस मंदिर में 11वीं शताब्दी की प्रतिमा स्थापित है। । नागचंद्रेश्वर के दर्शनों के लिए एक दिन पहले ही यहां श्रृद्धालुओं को लंबी कतारें लग जाती हैं। मंदिर में प्रवेश करते ही दाईं ओर भगवान नागचंद्रेश्वर की मनमोहक प्रतिमा के दर्शन होते हैं।
मनमोहक है नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा
यहां की प्रतिमा में नाग के फन पर शंकर-पार्वती विराजमान हैं और इस प्रतिमा के दर्शन के बाद ही नागचंद्रेश्वर महादेव के दर्शन करने की मान्यता है। शेषनाग के आसन पर विराजित शिव-पार्वती की सुंदर प्रतिमा के दर्शन कर श्रद्धालुओं स्वयं को धन्य मानते हैं। यह प्रतिमा मराठाकालीन कला का उत्कृष्ट नमूना है। यह प्रतिमा शिव-शक्ति का साकार रूप है।