सोचा था पकड़ी नहीं जाऊंगी...खतरनाक निकली घूंघट वाली ये महिला
यूपी के महोबा में एक महीने पहले एक युवक पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने जब खुलासा किया तो नाजायज प्रेम संबंधों की कहानी उजागर हुई। पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को जान से मारने की साजिश रची थी और उस पर अंधाधुंध फायरिंग कराई थी। लेकिन किस्मत से पति की जान बच गई और आरोपी पत्नी प्रेमी के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गई। घूंघट के अंदर से वो कहती है- उसने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर सबूतों को मिटाने का आइडिया लिया था।
- बता दें, एक महीने पहले 31 मई को कबरई थाना क्षेत्र के रहने वाले रवींद्र सिंह पर बाइक सवार 3 बदमाशों ने फायरिंग की थी। जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका अभी भी इलाज चल रहा है।
- इस कांड को लेकर एसपी अनीस अहमद ने टीम गठित की थी। जांच के दौरान पुलिस को रवींद्र की पत्नी प्रियंका पर शक हुआ और पाता करने पर इसके पीछे प्रेम संबंधों की कहानी सामने आई।
ऐसे रची थी साजिश फिर दिया घटना को अंजाम
- रवींद्र का विवाह झांसी के रहने वाले माखन की बेटी प्रियंका से इसी साल हुआ था, लेकिन वो इस विवाह से खुश नहीं थी।
- उसका अपने ही गांव के गौरव से अफेयर था। विवाह के बाद पति उसके प्रेम संबंधों में रोड़ा बन रहा था। उसे रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने प्रेमी के साथ मर्डर की साजिश रची।
- प्रियंका बताती है कि दोनों ने घटना को मिलकर अंजाम दिया। फिर क्राइम पेट्रोल सीरियल से प्रभावित होकर सबूत मिटाने की कोशिश की।
- दोनों ने अपने पर्सनल फोन की जगह दूसरे फोन का इस्तेमाल कर घटना को अंजाम दिया।
- प्रियंका ने शाम रवींद्र को सब्जी लेने के लिए बाजार भेजा, जहां प्रेमी गौरव अपने दोस्त रिंकू-धर्मेंद्र के साथ पहले से ही घात लगाए बैठे थे।
- तीनों ने उसपर कई राउंड फायरिंग की। इसमें वो घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
यकीन था कि पकड़ी नहीं जाऊंगी
- अरोपी पत्नी के मुताबिक, उसे यकीन था कि वो पकड़ी नहीं जाएगी। इसीलिए वो लास्ट तक पति ने के साथ ही रहती रही। वरना वो भाग गई होती।
- क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर उसने पूरी साजिश रची थी और वहीं से उसने सबूत मिटाने के तरीके सीखे थे।
पहले भी हुई है मारने की कोशिश
- एसपी अनीस अहमद के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी प्रेमी गौरव सिंह और उसके दोस्त धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, जबकि रिंकू अभी भी फरार है।
- तीनों आरोपी झांसी जिले के ही रहने वाले हैं। पूछताछ में ये बात भी सामने आई है कि एक बार पहले भी गौरव और उसके साथियों ने रवींद्र को ट्रेन से धक्का देकर मारने की कोशिश की थी।


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