पति एक महीने से घर नहीं आ रहा था, उसे बुलाने पत्नी ने रची ये कहानी 000
रात को सास-बच्चों के साथ सोई लीला सुबह उठी तो चोटी गायब थी। इसी तरह रियां में छत पर सोई किशोरी जब सुबह उठी तो उसके बाल कटे हुए थे। हाथ पर ब्लेड से कट लगाए गए थे। ये सिर्फ दो घटनाएं नहीं हैं। पिछले 15 दिनों में जोधपुर के 55 गांवों से ऐसी दर्जनों खबरें सामने आ चुकी हैं। जोधपुर शहर में भी पिछले एक हफ्ते में ऐसे चार मामले सामने आ चुके हैं।घर नहीं आ रहे पति को बुलाने पत्नी ने रची ये कहानी
बाल-नाखून काटने, शरीर पर त्रिशूल बनाने, काजल-बिंदिया लगाकर वशीकरण करने की अफवाहों से ग्रामीण तो ग्रामीण अब शहरी भी खौफ में जी रहे हैं। इन घटनाओं का कोई गवाह नहीं है। पुलिस के पास मामले पहुंच रहे हैं, लेकिन पहेली अभी तक सुलझी नहीं है। लोग इतने डरे हुए हैं कि गांवों में रात को पहरेदारी शुरू हो गई है। संदिग्ध को पकड़ने के चक्कर में कई जगह निर्दोष लोग भी ग्रामीणों से पिट चुके हैं।
हालांकि, कुछ मामलों में घटनाओं के पीछे की कहानी कुछ और ही निकली। जैसे लोहावट में बाल काटने की घटना सामने आई। हड़कंप मच गया। बाद में महिला ने बताया- पति एक महीने से घर नहीं आ रहा था। उसे बुलाने के लिए खुद ही अपने बाल काट लिए। ऐसे ही एक-दूसरे मामले में एक महिला को डॉक्टर ने जांच के बाद मानसिक रोगी बताया। टिंवरी में तो एक महिला ने पति से विवाद के बाद खुद ही बाल काट लिए और झूठी कहानी रच डाली।
दरअसल ये पूरी कहानी करीब 15-20 दिन पहले बीकानेर और नागौर से शुरू हुई। रात को बाल काटने की अफवाहों का ऐसा दौर शुरू हुआ कि लोगों में घबराहट फैल गई। 18 जून को जोधपुर के चिमाणा में ऐसी ही घटना सामने आई। एक किशोरी के बाल काट लिए गए। पेट पर त्रिशूल बना दिया गया। बहरहाल, परिजन ने केस तो दर्ज कराया ही साथ ही तंत्र-मंत्र भी करवा लिया।
इसके बाद तो फलौदी, बाप, पीपाड़, बावड़ी, भोपालगढ़, लोहावट, उनावड़ा, मतौड़ा, राणेली, जैसे गांवों से मामलों की कतार लग गईं। अब ताे जिलेभर में ऐसी घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। अफवाहों की आड़ में लोग लुट भी रहे हैं।
किसी भी घर में ऐसी घटना होने पर घबराए परिजन तंत्र-मंत्र करने वाले को बुलाते हैं। कथित तांत्रिक भी तंत्र-मंत्र के नाम पर 2 से 5 हजार रुपए तक वसूल रहे हैं। यह टोना-टोटका भी गांव वालों के लिए रोज़ का तमाशा बना हुआ है।
जिले के पुलिस एसपी डॉ. रवि सब्बरवाल बताते हैं- अफसरों की मीटिंग लेकर उन्हें गंभीरता से इस मामले को देखने के लिए कहा गया है। हालांकि, सब्बरवाल खुद इन घटनाओं को महज अफवाह मानते हैं।


Post a Comment