बिगड़ी घड़ियां बनाने के हैं शौकीन, 2 साल की उम्र में बन गए थे बौद्ध भिक्षु
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का आज बर्थडे है। बौद्ध भिक्षु दलाई लामा वर्तमान में 14वें दलाई लामा हैं जो तिब्बतियों के धर्मगुरु हैं। उन्हें तिब्बत का संरक्षक माना जाता है। दलाई लामा का जन्म 6 जुलाई, 1935 को नार्थ तिब्बत के तकछेर गांव में हुआ था। दलाई लामा का असली नाम ल्हामो दोंडुब है।
- बताया जाता है कि 1937 में जब तिब्बत के धर्मगुरुओं ने दलाई लामा को देखा तो पाया कि वे 13वें दलाई लामा थुबतेन ग्यात्सो के अवतार थे।
- इसके बाद धर्मगुरुओं ने दलाई लामा को धार्मिक शिक्षा दी और 6 साल की उम्र में ही वे तिब्बत के 14वें दलाई लामा बन गए।
- मठ में दलाई लामा को बौद्ध धर्म, मेडिटेशन, तर्क विज्ञान, संस्कृति, प्राकृतिक चिकित्सा के अलावा काव्य, संगीत और ज्योतिष की शिक्षा भी दी गई।
- साल 1959 में जब दलाई लामा 23 वर्ष के थे तो उन्होंने ल्हासा में अपने फाइनल एग्जाम दिए और सभी विषयों को ऑनर्स के साथ पास किया।
- मेडिटेशन के अलावा दलाई लामा को गार्डनिंग और घड़ियां सुधारने का काफी शौक है। उनकी सांइस में भी बचपन से रुचि रही है। वे बचपन में ही मूवी प्रोजेक्टर रिपेयर करना सीख गए थे।

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