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सद्दाम से लेकर गद्दाफी तक, जानें क्या करते थे इन तानाशाहों के बच्चे


सत्ता में रहने के लिए इन्होंने नियम-कायदों को ताक पर रखते हुए मानवता के लिए बड़ा संकट पैदा किया।

इतिहास ऐसे लोगों से भरा पड़ा है जिन्होंने सत्ता में बने रहने के लिए न सिर्फ हर तरह के नियम-कायदों को ताक पर रखा बल्कि दुनिया में मानवता के लिए बड़ा संकट पैदा किया। जिन्होंने जनता के अधिकारों को सख्ती से कुचला और खून बहाने से हिचके नहीं। देखिए दुनिया के इतिहास के सबसे क्रूर तानाशाह जिनकी सत्ता में बने रहने की भूख की दुनिया ने बड़ी कीमत चुकाई। सिर्फ तानाशाह ही नहीं, उनके बाद इनके बच्चे भी उनके नक्शे-कदम पर चले। इसी सिलसिले में आज हम आपको दुनिया के कुछ तानाशाहों के बच्चों के बारे में बता रहे हैं।

तियोदोरिन अक्सर सोशल मीडिया में अपनी फोटोज शेयर करता रहता है। वह अक्सर खूबसूरत मॉडल्स से घिरा हुआ नजर आता है। लेविश लाइफ के चलते गिनी में तियोदोरिन प्लेब्वॉय के रूप में जाना जाता है। तियोदोरिन पिछले तीन सालों में अपने वैकेशन की करीब 800 से ज्यादा फोटोज शेयर कर चुका है, जिसमें उसकी लग्जरी लाइफ नजर आती है। नेचुरल गैस से भरपूर इस देश की स्थिति बहुत खराब है। जनता भूखों मरने की कगार पर है। प्राकृतिक आपदा, जातीय संघर्ष और क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ने के चलते देश बदहाली की कगार पर है।

क्रूर तानाशाह है तियोदोरिन का पिता

तियोदोरिन का पिता और गिनी का प्रेसिडेंट तियोदोरो ओबियांग ग्यूमा की गिनती सबसे क्रूर तानाशाहों में होती है। उसने अपने अंकल का तख्तापलट कर देश की सत्ता संभाली थी, जिसमें काफी लोगों का खून भी बहा था। कहा जाता है कि तियोदोरो अपने दुश्मनों की खाल उतरवा देता है। तियोदोरो पर दुश्मनों के लिवर और टेस्टिकल खाने का भी आरोप लग चुका है। तियोदोरो 1979 से देश की सत्ता संभाल रहा है। इस साल अप्रैल में दोबारा इलेक्शन के जरिए अपना कार्यकाल बढ़ाया। अपने पूर्वजों से उलट तियोदोरों का देश पर पूरा कंट्रोल है।

लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी का बेटा सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी पिछले महीने ही जेल से रिहा हुआ। सैफ को मिलीशिया ग्रुप ने 6 साल तक कैद रखने के बाद आजाद किया। सैफ को जिंतान में रिहा किया गया, जहां पर वह नवंबर 2011 से कैद में था। पिता मुअम्मर गद्दाफी को अक्तूबर में सिरते शहर में मारे जाने के एक महीने बाद सैफ को पकड़ा गया था। लीबिया कोर्ट सैफ को मानवता के खिलाफ अपराध का आरोपी बताकर उसे यह सजा सुनाई थी।

सैफ पर 2011 से पूर्व लीबियाई नागरिकों की हत्या और उनके उत्पीड़न का आरोप है। अय्याश प्रवृत्ति के सैफ ने अपने विरोधियों की आवाज दबाने के उन पर तरह-तरह के जुल्म ढाए। इसी तरह के अपराधों पर सुनवाई करके त्रिपोली की एक अदालत ने सन 2015 में सैफ को उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी। सुनवाई में खामियों के चलते अदालत के फैसले पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद सजा 6 साल कर दी गई थी। सन 2011 में विद्रोहियों ने कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के शासन के खिलाफ बगावत करके उनका तख्तापलट दिया था और उसके बाद भागते हुए गद्दाफी को पकड़कर उनकी हत्या कर दी गई थी।

सद्दाम हुसैन का बेटा उदय अय्याशी और क्रूरता के लिए जाता था। उसने आरोपों से बचने के लिए अपना बॉडी डबल रख रखा था। उदय के बारे में कहा जाता है कि उसने कई लड़कियों का रेप किया। उदय की मौत के बाद उसके बॉडी डबल लतीफ ने मीडिया को बताया था कि एक बार उदय एक शादी में गया था, जहां उसे दुल्हन पसंद आ गई थी। उदय ने उसके साथ सुहागरात मनाने की जिद की और उसे उठवा लिया। होटल में दुल्हन का रेप किया, जिससे आहत उस दुल्हन ने होटल की छत से कूदकर सुसाइड कर लिया था। लेकिन, सद्दाम हुसैन का बेटा होने के चलते उसके खिलाफ किसी ने आवाज नहीं उठाई। अमेरिका ने इराक पर केमिकल वेपंस रखने का आरोप लगाते हुए साल 2003 में इराक पर हमला कर दिया था। इसी दौरान 22 जुलाई, 2003 को उदय मारा गया था। वहीं, सद्दाम हुसैन को कैद कर लिया गया था, जिन्हें 30 दिसंबर, 2006 को फांसी पर लटका दिया गया था।

किम जोंग इल 2011 में अपने पिता किम उल सुंग की मौत के बाद तानाशाह बना था। नॉर्थ कोरिया सरकार की ओर से जोंग की गोपनीयता बनाए रखने की वजह से किम जोंग के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आती। जोंग ने सत्ता में बने रहने के लिए अपने ही परिवार तक के लोगों को भयानक तरीके से मौत दीं। साल 2013 में अपने ही फूफा को बेरहमी से मरवा दिया था। किम जोंग उन ने अपने फूफा को भूखे 120 शिकारी कुत्तों के सामने डलवा दिया था। इसके चलते किम जोंग अब तक के सबसे क्रूर तानाशाहों में से एक माना जाता है। जोंग के तानाशह रवैये से नॉर्थ कोरिया अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अलग थलग हो गया है। जोंग के लगातार एटमिक परिक्षण से दुनिया में तीसरे वर्ल्ड वॉर का खतरा मंडराने लगा है।

कैरेबियन कंट्री हैती के 40वें प्रेसिडेंट फ्रांसिस दुवेलियर की गिनती क्रूर तानाशाहों में होती है। अप्रैल, 1971 में फ्रांसिस की मौत के बाद जीन देश के प्रेसिडेंट बने। हालांकि, इससे देश में कोई परिवर्तन नहीं आया, क्योंकि जीन भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चले। वे 1971 से 1986 तक प्रेसिडेंट रहे और हथियारों के दम पर अपने विरोधियों की आवाज दबाई। लेकिन, 1986 में विरोधी पार्टी ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया, जिसके बाद जीन अमेरिका भाग निकले था। करीब 10 साल वे वापस अपने देश लौटे और हैती में ही 4 अक्टूबर, 2014 को उनकी मौत हो गई।