इस लड़की ने डिजाइन की फिल्मस्टार की ड्रेस, मां हाउसवाइफ तो पिता नौकरी में
फिल्म एक्ट्रेस जैकलीन फर्नाडिस और एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा के लिए शहर की डिजाइनर शिवांगी श्रीवास्तव ड्रेस डिजाइन करेंगी। वह बीते दो वर्ष से फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार के लिए ड्रेस डिजाइन कर रही हैं। हाल ही में इन दोनों स्टार कास्ट पर आधारित फिल्म जेंटलमैन आने को है। वह यह दोनों सेलिब्रिटी के लिए रूसी शर्मा और मानुश्री नाथ के साथ मिलकर इस ड्रेस को डिजाइन करने में काम कर रही हैं।
उन्होंने ग्वालियर के कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की और इसके बाद एनआईएफटी से डिप्लोमा कोर्स किया। राज्य कर्मचारी आवास कॉलोनी निवासी आरके श्रीवास्तव की पुत्री हैं। उनके पिता एमपीईबी में हैं, जबकि मां कांति श्रीवास्तव हाउसवाइफ हैं। परिवार में सबसे छोटी शिवांगी के बड़े भाई शिवम श्रीवास्तव चंडीगढ़ में डॉक्टर हैं। इससे पहले वह लैकमे फैशन वीक और नेशनल फैशन शो में पार्टिसिपेंट कर चुकी हैं। सिटी रिपोर्टर से चर्चा में उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि ज्यादातर युवाओं के मन में यह भ्रम होता है कि मेट्रो के लोग हमारी तुलना में ज्यादा क्रिएटिव हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। आप में यदि प्रतिभा है तो आपको मंच अवश्य मिलेगा, भले ही इसमें थोड़ी-बहुत देर हो जाए।
तब फैशन डिजाइनिंग को नहीं समझते थे अच्छा...
ग्वालियर से मुबंई तक के सफर में किस चुनौतियों से सामना करना पड़ा?
6वीं मेंं स्कूल में हुए एक प्रोग्राम के लिए खुद ही ड्रेस डिजाइन की। एक बार पिता ने पूछा बड़े होकर क्या बनना चाहती हो, मैंने कहा ड्रेस डिजाइनर। उन्होंने हंसते हुए कहा, अभी तो तुम पर फैशन शो ज्यादा देख रहे हैं, इसलिए उसकी खुमारी दिमाग पर चढ़ी है। इसके बाद 10वीं मेरे 52% आए तो पिता ने मुझे समझाया कि बेटी इस लाइन में जाने के लिए पढ़ना जरूरी है, क्योंकि डिजाइनिंग कोर्स के लिए 12वीं में 60% से अधिक अंक जरूरी है। पिता की बात मेरे समझ आ गई। 12वीं के फ़र्स्ट डिवीजन आई और मेरा सेलेक्शन इंस्टीट्यूट में हो गया। यहां से पासआउट होने के बाद पहले दिल्ली में काम किया और इसके बाद मुंबई चली गई।
आपके डिजाइनिंग फील्ड में जाना था तो 12वीं में कॉमर्स क्यों लिया?
10वीं में जब मेरे नंबर कम आए तो मैं ऐसा सब्जेक्ट लेना चाहती थी जिसमें 60% से अधिक नंबर आ जाए। दोस्तों और पैरेंट्स से पूछा तो उन्होंने कहा, मैथ और साइंस दोनों ही सब्जेक्ट काफी टफ हैं। यदि कॉमर्स लेती तो इतने नंबर आसानी से आ सकते हैं। साथ ही भविष्य में आपको बिजनेस में भी मिलेगा।
तब और आज के दौर में आप सिटी में क्या अंतर महसूस करती हो?
हमारे समय में फैशन डिजाइनिंग को कभी भी कॅरियर की नजर से नहीं देखा जाता था। उस समय फैशन डिजाइनिंग का अंदाजा लोग बुटिक खोलने से लगाते थे। तब बेटे के लिए इंजीनियर और बेटी के लिए मेडिकल लाइन बेहतर मानी जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। आज फैशन डिजाइनिंग को कॅरियर के रूप में देखा जाने लगा है।
जैकलीन और सिद्धार्थ की ड्रेस डिजाइन करने में किस प्रकार की परेशानी आई?
इन दोनों ही सेलिब्रिटी की ड्रेस उनकी पर्सनालिटी को शूट करे, इसलिए खासतौर पर इसके फेब्रिक को विदेश से लेकर आए है। जैकलीन के लिए बोहो चिक स्टाइल और सिद्धार्थ के ड्रेसिंग स्टाइल ऑब्जर्व को देखकर ड्रेस डिजाइन की।
फिल्म और फैशन शो में ड्रेस डिजाइन में क्या अंतर आता है?
फैशन शो में ड्रेस में डमी साइज के मुताबिक तैयार की जाती है, ताकि कोई भी मॉडल इसे पहन सके। लेकिन फिल्मों के लिए जो ड्रेस तैयार होती है उसे कलाकारों के कैरेक्टर के मुताबिक तैयार किया जाता है। फिल्म के लिए कपड़े नए होते हैं, लेकिन लगना ऐसा चाहिए कि वह रोजमर्रा में पहनते हों।


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