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पुलिस की मिलीभगत से ऐसे चलता है होटलों में अय्याशी का खेल


आगरा में सिकंदरा के किसी होटल में पुलिस ने पहली बार छापामारी नहीं की है। हर दूसरे-तीसरे महीने पुलिस एक या दो होटलों में छापामारी करती है लेकिन एक बार भी ऐसी कार्रवाई नहीं की गई जिसका कड़ा संदेश जाए।

न ही पुलिस ने होटलों में अय्याशी का खेल बंद कराने के लिए कोई कदम उठाया है। माना यही जाता है कि छापामारी पुलिस अपने फायदे के लिए करती है। इसका पता इससे भी चलता है कि छापों के मुकदमों की जांच में हर बार खेल होता रहा है।

सिकंदरा के कई होटलों में घंटों के हिसाब से कमरे बुक किए जाते हैं। इनमें लोग अय्याशी के लिए पहुंचते हैं। काल गर्ल बुलाई जाती हैं। लोगों से परिचय पत्र भी नहीं लिए जाते। छापों में इसका खुलासा हो चुका है लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती।

पुलिस ने बोदला में मंगलवार दोपहर आरवी पैलेस होटल पर छापा मारा गया। इसका मालिक गुड्डू यादव को बताया गया है। वह खुद को सपा से जुड़ा बताता है। पिछली साल पुलिस ने होटल कृष्ण कान्हा पर छापा मारा था। तब भी होटल मालिक गुड्डू यादव को बताया गया था। उस छापामारी में एएसपी शामिल थे, इसलिए केस दर्ज किया गया था।

गुड्डू को आरोपी भी बनाया गया था लेकिन जांच में उसे क्लीन चिट दे दी गई थी। उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। चार्जशीट में भी उसका नाम शामिल नहीं था। थाना के पास के ही दो होटलों पर पिछले साल दिसंबर में छापामारी हुई थी। दोनों पर सील लगाई गई थी लेकिन बाद में खुल गई। इतना ही नहीं।

देह व्यापार के आरोप में दो होटलों को दो बंद कराने का आदेश दिया। दो महीने बाद नाम बदलकर  दोनों खुल गए। अभी भी चल रहे हैं। हालांकि इस बार अधिकारियों का कहना है कि कड़ी कार्रवाई की जाएगी लेकिन पुलिस का रवैया देखकर इसकी उम्मीद कम लगती है।