महिला के साथ हुआ कुछ ऐसा कि हो गई बेहोश, सरकारी डॉक्टर ने मारे थप्पड़
राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर पाली सहित कई इलाकों में महिलाओं के बाल काटने की अफवाहे अब बाड़मेर तक पहुंच चुकी है। बुधवार को अलग-अलग जगहों से चार महिलाओं के बाल काटने की अफवाहे सामने आई। सोनड़ी निवासी एक महिला को इस अफवाह के बाद जब परिजन अस्पताल लाए तो डॉक्टर ने ही अंधविश्वास की हदे पार कर ली।डॉक्टर ने थप्पड़ जड़ कर किया महिला का इलाज
- बाड़मेर के जिला अस्पताल में डॉ.सुरेंद्र बाहरी ने इस महिला के इलाज से पहले बकायदा अगरबत्ती जलाई और इसके बाद बाल पकड़ कर महिला को थप्पड़ जड़ दिए, फिर भी महिला को होश नहीं आया।
- इधर, रात तक अफवाहे ज्यादा फैलने पर एसपी डा. गगनदीप सिंगला ने सोशल मीडिया पर अपील जारी की कि बाड़मेर जिले में महिलाओं के बाल काटने की घटनाएं महज अफवाहे है।
- इस तरह की अफवाहे जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सामने आई थी। जांच में पता चला कि उन महिलाओं ने खुद बाल काटे।
- पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में सच्चाई नहीं है और सिर्फ अफवाहें है। लोग इस तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।
- दरअसल सबसे पहले बुधवार सुबह बाड़मेर शहर से महज 6 किमी. दूर महाबार गांव से पुलिस को अफवाह की जानकारी मिली कि मंगलवार रात में अलग-अलग घरों में बाल काटे जाने की अफवाह है।
- सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
- पुलिस को लोगों ने बताया कि पिछले 2 दिनों से महाबार में बिजली नहीं है, ऐसे में अंधेरे का फायदा उठाकर महिलाओं को बाल काटे जाने की घटनाएं सामने रही है।
- एक महिला ने बताया कि वह मंगलवार रात 11 बजे घर के अंदर सो रही थी, इस दौरान अचानक उसके किसी ने बाल खींचे और भाग गया। इसी तरह एक अन्य महिला ने बताया कि उसके भी किसी ने बाल खींचे।
- चिमनाणियों की ढाणी मेवाणियों की ढाणी महाबार निवासी महिलाओं के भी बाल काटने की अफवाहे उड़ी। कुछ महिलाओं को परिजन जिला अस्पताल लाए। यहां भर्ती करने पर लोग बड़ी संख्या में पहुंचे तो एहतियातन पुलिस जाब्ता तैनात करना पड़ा।
इस डॉक्टर का अंधविश्वास भरा जवाब : मेरा सिर भारी हुआ
- जिला अस्पताल के डा. सुरेंद्र बाहरी ने बताया कि परिजन महिला को अस्पताल लेकर आए। बताया गया कि उसका पीछे से किसी ने गला पकड़ा और बाल काट दिए। महिला का अस्पताल में उपचार किया गया। इसके बाद मेरा भी सिर भारी हो गया है।
एसपी गगनदीप सिंगला ने बताया कि बाल काटने को लेकर जो घटनाएं सामने रही है, यह सिर्फ अफवाह है। ऐसा संभव नहीं है कि कोई बाल काटे और दिखे भी नहीं। इस तरह की अफवाह को लेकर ध्यान नहीं दें। गांव में कोई संदिग्ध व्यक्ति, भोपा दिखे तो पुलिस को तुरंत सूचना दें।
- जिला अस्पताल के पीएमओ डा.बी एल मंसूरिया ने बताया कि अस्पताल में आई दो महिलाओं की जांच की गई।
- महिला की चिकित्सकीय जांच में तो बाल काटने की कोई बात सामने नहीं आई है।
- मंसूरिया ने बताया कि रात साढ़े दस बजे एक अन्य महिला को भर्ती करवाया गया।
- पीएमओ ने मनोचिकित्सक को बुलाया और इस महिला की मनोचिकित्सक से जांच करवाई की तो पता चला कि यह एक मानसिक अवसाद या तनाव हो सकता है।
- ऐसे रोगियों को साइकोलॉजिस्ट से इलाज की आवश्यकता है।
अंधविश्वास की झूठी कहानी जो संभव ही नहीं
- यह अंधविश्वास का वह उदाहरण है जिसकी कहानी पर यकीन नहीं किया जा सकता।
- अफवाह के बाद जब पुलिस जांच के लिए महाबार पहुंची तो एक महिला ने बताया कि बुधवार सुबह परिवार के लोगों को मंदिर दर्शन के लिए जाना था।
- सभी लोग जल्दी उठे थे। पहले चाय बनाई और सबको पिलाई थी।
- इसके बाद रोटी बनाने के लिए चूल्हे के पास बैठी थी कि इस दौरान हाथ गर्दन पर लगाया तो कटी हुई बालों की चोटी उसके हाथ में गई।
- उसके मुंह से झाग गए और बेहोश हो गई। इस बीच आंगन में खड़े उसके परिवार के लोग दौड़े और उसे संभाला। करीब 20 मिनट बाद होश आया।


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