इसे लोग बुलाते हैं कांटों वाले बाबा, बिछौना देख मुंह से निकल जाती है आह
संगम नगरी में एक महीने चलने वाले माघ मेले में अलग-अलग तरह के कई साधु-संयासी और श्रद्धालु डुबकी लगाने आते हैं। कुछ पुण्य कमाने के लिए कुछ पाप उतारने के लिए। कांटों की शैय्या पर लेटे बाबा को देखकर हर किसी के मुंह से आह शब्द निकल जाती है। कांटों पर सोने की सिद्धि प्राप्त कर चुके रामा बाबा को अब लोग कांटे वाले बाबा के नाम से जानने लगे हैं।
- आगरा के रहने वाले बाबा लक्ष्मण राम ने बताया।18 साल की उम्र में गलती से गौ हत्या हो गई थी, उसकी के बाद से इस तरह प्रायश्चित करने की कोशिश कर रहा हूं।
दर्द होता है, लेकिन सहन कर लेता हूं। माघ और कुम्भ में हर साल यहां आता हूं। लोग जो चढ़ावा चढाते हैं, वो मथुरा में गायों की देख-रेख में इस्तेमाल करते हैं। साथ ही भंडारा वगैरा भी चलाते हैं।
इस बार 6 दिन पहले यहां आया हूं और मोनी अमावस्या पर अक्षयवट मार्ग पर पहले दिन कांटों की शैय्या पर लेटा हूं।
प्रत्यक्ष दर्शी रमेश ने बताया। मौनी अमावस्या पर स्नान करने संगम में परिवार के साथ आया हूं। मेले में एक बाबा को कांटों की शैय्या को अपना बिछौना बनाए देखकर हैरान रह गया।
- वहीं, परिवार के साथ पूचन करने पहुंची सुषमा ने बताया। मैं हर साल माघ में आती हूं। इस बार भी आई। जैसे ही बाबा को कांटों पर लेटा देखा तो नजर रुक सी गई।

Post a Comment