हजारों की भीड़ ले जा रही थी बेटी की अर्थी, मां की हालत देख रो पड़ा हर शख्स
शहर में देवास वायपास पर बिचौली हप्सी ओवर ब्रिज पर स्कूल बस और ट्रक में टक्कर में जान गवां बैठे मासूमों की शनिवार को अंतिम यात्रा निकली तो पूरा शहर उमड़ पड़ा। हजारों की भीड़ में विदा हो रहे मासूम और उनकी मां के आंसू को देख हर शख्स की आंखे नम थी। सभी डीपीएस स्कूल के स्टूडेंट थे। इससे पहले, खातीवाला टैंक इलाके में रातभर चारों ओर सन्नाटा पसरा था। रह-रहकर सभी को मासूम श्रुति, कृति, हरमीत और स्वस्तिक के चेहरे याद आ रहे थे।
परी सी सुंदर श्रुति को परी जैसा ही संवार कर आखिरी बार उनकी मां ने विदा किया। गमगीन परिवारों की हालत बिगड़ते देख सुबह 10 बजे से मोहल्ले वाले तेजी से अंतिम क्रिया की तैयारी में जुट गए।
- अर्थियां सजते ही माता-पिता अपने लाडलों से लिपट गए। रह-रहकर मां बस यही कह रही थी मत ले जाओ मेरी बिटिया को मुझसे दूर, जी भरकर उसे देख लेने दो।
- चारों की डेडबॉडी को दोपहर 1 बजे एक साथ रीजनल पार्क के पास मुक्तिधाम में अंतिम विदाई दी गई। खातीवाला टैंक में जिस जगह सब्जी मंडी लगती है, वहीं से दो बच्चों की शवयात्रा गुजरी। दोपहर तक लोकल मार्केट की सभी दुकानें बंद रहीं। सब्जी बाजार भी सूना रहा। शहर के मैन मार्केट और स्कूल भी भी आज बंद रखे गए।
-श्रुति माता-पिता की शादी के 22 साल बाद पैदा हुई थी। उसे कार में सफर करना पसंद था इसलिए फूलों से सजी कार में अंतिम विदाई दी गई।
शुक्रवार शाम को डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) में छुट्टी के बाद बस 12 बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी।
- बायपास पर बस का स्टयरिंग फेल होने से चालक का संतुलन बस पर से हट गया। बस डिवायडर फादते हुए गलत दिशा में घुस गई और सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई।
- हादसे में बस चालक स्टेयरिंग पर फंस गया जससे उसने वहीं पर दम तोड़ दिया। हादसे के बाद आसपास गुजर रहे लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
- बच्चों की फैमिली को जैसे ही इस हादसे की जाानकारी मिली जो जिस हाल में था वैसे ही घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा।

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