चार साल तक मचे कत्लेआम के बाद यहां मना क्रिसमस, ऐसा था नजारा
इराक की मोसुल सिटी में कई सालों बाद क्रिसमस मनाया गया। इराक के काल्डियन कैथोलिक चर्च में रात के 12 बजते ही पवित्र अग्नि जलाई गई और चर्च में घंटों की आवाज सुनाई देती रही। बता दें, मोसुल सिटी कभी आईएस आतंकियों का गढ़ रही थी और आतंकियों द्वारा पिछले चार सालों में यहीं पर सबसे ज्यादा कत्लेआम मचाया गया था। हाल ही में आर्मी ने शहर को आतंकियों के चंगुल से मुक्त करवाया है। यहां से पलायन कर चुके लोग भी वापस लौटने लगे हैं।
चर्च में प्रेयर के बाद धर्मगुरु धर्मगुरु लुईस रफाएल साको ने शांति की दुआ की और लोगों से आग्रह किया कि वे भी मोसुल सहित पूरी दुनिया में शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें।
- इस दौरान चर्च में काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भी थे। सभी ने एक साथ शांति के लिए दुआ की। इसके साथ ही साको ने ईसाइयों के वापस अपने घरों में लौटने की उम्मीद भी जताई।
- आईएस के समय यहां सबसे ज्यादा ईसाई समुदाय के लोगों को ही निशाना बनाया गया। चर्च जिहादियों ने चर्च क्षतिग्रस्त कर दिए थे। इस दौरान हजारों ईसाई शहर छोड़कर भाग निकले थे।
- यहां का फेमस सेंट पॉल चर्च भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। शहर में ईसाई लोगों के घरों को इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने बमों से उड़ा दिया था।
- मोसुल में इस समय आर्मी और मेडिकल टीम माइन्स या गोला-बारूद हटाने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इसके साथ ही आतंकियों द्वारा यहां की गई क्रूरता की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।
- आर्मी को यहां से जगह-जगह कटे सिर, धड़, और हड्डियां मिल रही हैं। यहां रोजाना ऐसी ही ८०, से 100 बॉडीज बरामद हो रही हैं, जिन्हें ऑर्मी के ट्रकों में लादकर कब्रिस्तान तक ले जाया जा रहा है। ,
- चीफ मेडिकल असिस्टेंट राइद जासिम की रिपोर्ट के मुताबिक, मोसुल का हाल इतना भयानक है कि कमजोर दिल वाले यह सबकुछ अपनी आंखों से देख भी नहीं सकते।
- आतंकियों द्वारा कब्जा किए गए इलाकों में एक-एक घर से दर्जनों इंसानी शरीर के टुकड़े बरामद हो रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान यहां एक घर से ही करीब 20 कटे हुए सिर मिले थे।
- यह इसलिए हो रहा है कि आईएस आतंकी गुलामों को तरह-तरह की सजाएं देते थे। इसमें सरेआम सिर काटने, समलैंगिकों के हाथ-पैर बांधकर बिल्डिंग से नीचे फेंकने, फांसी लगाने, सिर में गोली मारना तक शामिल था।

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