रात में और भी खतरनाक हो जाता है ये जीव, अजीबोगरीब आवाजों और संकेतों में करता है बात
हाएना यानी लकड़बग्घा सवाना (उष्णकटिबंधीय घास के मैदानों), उप-रेगिस्तान, अफ्रीका व एशिया के जंगलों में पाया जाता है। यह चार प्रकार का होता है, धब्बेदार, भूरा, धारीदार और कीटभक्षी।
यह आकार के आधार पर भी भिन्न होता है। सबसे बड़ा हाएना करीब 35 इंच ऊंचा और वजन में 90 पाउंड का होता है। सबसे छोटा कीटभक्षी हाएना होता है, जो 20 इंच ऊंचा और वजन में 60 पाउंड का होता है।
नर की तुलना में मादा अधिक लंबी और प्रभावशाली होती है। ये समूह में रहते हैं। इनमें कीटभक्षी लकड़बग्घा दीमक खाता है। यह रात्रिचर होता है। एक-दूसरे के साथ बात करने के लिए विभिन्न ध्वनियों, मुद्राओं और संकेतों का उपयोग करता है।
कुछ हाएनाज नरभक्षी होते हैं। युवावस्था में ये एक-दूसरे को मारकर खा जाते हैं। मादा हाएना एक बार में दो से चार शावकों को जन्म देती है। वह करीब चार हफ्तों तक जन्म देने वाली जगह पर ही, उनकी देखभाल करती है।
शावक पांच महीने के होते-होते मांस खाना शुरू कर देते हैं। जंगली हाएना का जीवनकाल 10 से 12 और पालतु का करीब 25 साल होता है।





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