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50 सालों से वीरान है भारत का ये स्टेशन, यहां से गुजरने से कतराते थे लोग


हमारे देश में एक ऐसा भुतहा रेलवे स्टेशन है जहां 50 सालों से कोई भी आसपास भटकने से भी कतराता है। कोलकाता से 260 किमी दूर बेगनकोडार स्टेशन पर सफेद साड़ी वाली चुड़ैल का इस कदर कौफ है कि यहां हमेशा सन्नाटा पसरा रहता है न कोई ट्रेन यहां रुकती थी और न ही कोई सवारी यहां आती है। हाल ही में एक रिसर्च टीम ने यहां रात बिताकर इस भुतहा स्टेशन के कई राज खोले हैं। क्या सचुमुच भटकती है चुड़ैल?

- इस स्टेशन को 1962 में बनाया गया था। कुछ समय तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन 1967 में यहां के लोगों ने भूत देखे जाने का दावा किया, जिसके बाद यह स्टेशन सुनसान रहने लगा।

- दऱअसल, 1967 में यहां के स्टेशन मास्टर ने पुरलिया इलाके में रेलवे लाइन के पास सफेद साड़ी पहने एक महिला का भूत देखने का दावा किया था। कुछ दिन बाद उस स्टेशन मास्टर की मौत हो गई। अफवाह फैली कि उस चुड़ैल ने ही स्टेशन मास्टर को मार दिया।

- दावा किया जाता है कि यह उसी महिला का भूत है, जिसकी ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। कोई कहता कि उसने यहां से गुजरते वक्त सफेद साड़ी में एक महिला को प्लेटफॉर्म पर नाचते देखा, तो किसी ने उसे पटरियों के आसपास देखने की बातें कहीं।

- कुछ समय बाद इस स्टेशन को एक ट्रेन का हॉल्ट बनाया पर ये कहानियां इतनी तेजी से फैलीं कि रेलवे कर्मचारी तक डरने लगे और उन्होंने यहां काम करने से ही इनकार कर दिया। कर्मचारी यहां पोस्टिंग कराने से भी डरने लगे। बिना स्टेशन मास्टर और सिग्नल मैन के स्टेशन चालू रखना रेलवे के लिए संभव नहीं था, इसलिए इस स्टेशन को बंद कर दिया गया।

- हाल ही में बेंगलुरु की पैरानॉर्मल रिसर्च करने वाली टीम ने इस स्टेशन के अंदर रात गुजारी। टीम के मुताबिक यहां ऐसी कोई प्रेत आत्मा या पैरानॉर्मल एक्टिवटी के होने के संकेत नहीं मिले हैं। इसके बाद से लोगों का डर कुछ हद तक कम हो गया है।