इन सीएम ने अपना पजामा लेने भेजा था हवाई जहाज, इंदिरा के थे इतने खास
मध्यप्रदेश अपना 62वां स्थापान दिवस मना रहा है।
बता दें इतने सालों में प्रदेश में कई सीएम आए और गए लेकिन कुछ ने अपने काम और लीडरशिप से अलग ही पहचान बनाई। इन्हीं में राज्य से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में कांग्रेस के नेता प्रकाशचंद्र सेठी बहुत आगे रहे। उन्हें इंदिरा सरकार में गृहमंत्री की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। वे चार साल तक एमपी के सीएम रहे और फिर श्यामाचरण शुक्ल को अपनी गद्दी सौंपकर केद्र की राजनीति में चले गए।nexa news उनसे जुड़े एक रोचक किस्से की जानकारी दे रहा है। विमान से मंगाया था पजामा...
- उस दौर में प्रदेश में पोस्टेड रहे आईएएस अफसर ने अपनी एक किताब में इस किस्से का जिक्र किया है। ये गुलाम नबी आजाद की शादी से जुड़ा हुआ है।
- किताब के मुताबिक, सीएम रहते हुए सेठी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी की शादी में शामिल होने सरकारी हवाई जहाज से श्रीनगर गए थे।
- सीएम को तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक, उसी दिन रात को वापस भोपाल लौटना था। कुछ ऐसी स्थिती बनी कि सेठी ने रात को श्रीनगर में ही रूकने का फैसला किया।
- शाम को सीएम को याद आया कि वो रात में पहनने के लिए पजामा तो लेकर नहीं आए। इसके बाद उन्होंने अपने स्टाफ को तुरंत इस बात की जानकारी दी।
- सरकारी विमान को पजामा लेने के लिए करीब 1600 किलोमीटर दूर भोपाल भेज दिया।
बताते हैं कि विमान से उनका पजामा रात को करीब साढ़े नौ बजे श्रीनगर पहुंचा, जिसके बाद सेठी ने पजामा लिया और सोने चले गए।
इंदिरा गांधी के थे बेहद करीबी...
- प्रकाशचंद्र सेठी के मन में इंदिरा गांधी के लिए बेहद सम्मान था और वे हर काम के लिए उन्हें रिपोर्ट करते और राय लेते थे।
- विरोधियों ने भाषण देते हुए उनके बहक जाने की कई बार इंदिरा गांधी से शिकायत की। कांग्रेस सुप्रीमो ने उन्हें योगाचार्य के जम्मू आश्रम में पंद्रह दिन तक योग करने के लिए भेज दिया था।
- इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रकाशचंद्र सेठी के पॉलिटिकल भी खत्म होंने लगा था।
- इंदिरा गांधी के कैबिनेट में वे गृह मंत्री थे, लेकिन राजीव गांधी ने उन्हें अपने मंत्रीमंडल में जगह नहीं थी।
- बता दें, 1990 में इंदौर लोकसभा सीट इलेक्शन में उन्हें मौजूदा लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने हरा दिया था।
- उन्हें जानने वाले बताते हैं कि अपने जिंदगी के आखिरी समय गरीबी में बीता। उनके पास इलाज कराने के भी रूपए नहीं थे।
- उस वक्त तत्कालीन सीएम ने उनके रहने के लिए सरकारी बंगले और इलाज का इंतजाम कराया था।


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