तब्बू ऐसे रखती हैं खुद को फिट, बोलीं- क्या करूं पापी पेट का सवाल है
आज (4 नवंबर) तब्बू अपना 46वां बर्थडे मना रही हैं।
तब्बू ने 1980 में फिल्म ‘बाजार’ से अपने एक्टिंग करियर (बाल कलाकार) की शुरुआत की थी। हालांकि बतौर लीड एक्ट्रेस उनकी पहली फिल्म ‘कुली नंबर 1’ (साउथ फिल्म) थी। बता दें तब्बू ने फिल्म ‘पहला पहला प्यार’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। गौर करने वाली बात है कि तब्बू तब भी काफी फिट थीं और आज भी हैं। फिटनेस से लेकर बर्थडे मेमोरीज पर nexa न्यूज़ ने की तब्बू से खास बातचीत...
मैं भूखी रहती हूं (हंसते हुए)। दरअसल मैं जो भी खाती हूं बस उसपर ध्यान रखती हूं। क्योंकि मैं मोटी होना अफोर्ड नहीं कर सकती। क्या करूं पापी पेट का सवाल है। पेट काटना पड़ता है उसके लिए। सच कहूं तो मुझे लगता है कि ये मेरे जीन्स ही ऐसे हैं। इसके साथ ही मैं एक्सरसाइज और योगा पर भी ध्यान देती हूं।
अपनी बॉलीवुड जर्नी को एक वर्ड में बताना हुआ तो कैसे बताएंगी?
एक्सीडेंटल और उम्मीद करती हूं कि मैंने किसी को रास्ते में मार न दिया हो (हंसते हुए)।
सच तो ये है कि मुझे बर्थडे सेलिब्रेट करना तक नहीं पसंद। मुझे खास अटैंशन पसंद नहीं है और बर्थडे पर तो सिर्फ आप ही आप होते हो। मुझे तो प्रेशर जैसा फील होता है। बर्थडे के पहले से ही कॉल्स आना शुरू हो जाते हैं जानने के लिए कि क्या प्लान है बर्थडे का एंड ऑल। मुझे सच में ऐसे सवाल पसंद नहीं है। मतलब ये मेरा बर्थडे है, तो तुम्हें मेरे प्लान्स से क्या मतलब।
हां मैं शुरू से ही ऐसी हूं। बचपन में भी जब क्लास में टीचक कहती थी कि आज तब्बसुम का बर्थडे है सभी विश करो। जिसके बाद सारे बच्चे खड़े होकर गाना गाते हुए विश करते थे और मैं टॉफी देती थी सबको। हालांकि मुझे तब भी ये सब खास पसंद नहीं था। तब भी मैं सोचती थी कि ये सब जल्दी से खत्म हो और मैं जाकर अपनी सीट पर बैंठ जाउं। बर्थडे पर मेरी बहन फराह जरूर बहुत एक्साइटेड रहती है।
मैंने अभी तक एक दो बार ही बर्थडे सेलिब्रेट किया होगा। मुझे मेरा 30वां बर्थडे याद है जब खूब पार्टी की थी। मैंने अपने सभी दोस्तों को बुलाया था और जमकर धमाल किया था। यही नहीं इसके साथ ही मैंने चेयर पर खड़े होकर स्पीच भी दी थी।
अभी तक मेरा 2005 वाला बर्थडे सबसे यादगार था। तब मेरा हैदराबाद वाला घर बन रहा था, मैंने गार्डन में पौधे लगाए थे। इस बात को 17 साल हो गए हैं और वो पौधे अब पेड़ बन गए हैं। वो इतने बड़े हो गए हैं कि लगभग पूरा घर ढक लेते हैं। वो पेड़ मेरे बर्थडे की निशानी है।
मुझे अभी तक मेरे बर्थडे पर एक भी स्पेशल गिफ्ट नहीं मिला और ये बात मैं पूरी दुनिया को बोल रही हूं।
मैं रिलेक्स करती हूं और चेन्नई के दिनों को याद करती हूं। वहां मेरे फ्रेंड्स का एक ग्रुप है। उस ग्रुप के लिए मैं बच्ची हूं। पूरे ग्रुप में मैं अकेली हूं जो सिंगल है इसलिए वो सब मुझे बहुत प्यार करते हैं। वो प्यार करते हैं और मेरा ख्याल रखते हैं। इसके साथ ही मैं पुड्डुचेरी को काफी मिस करती हूं।


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