आखिर नीचे से क्यों खुला होता है पब्लिक टॉयलेट्स का दरवाजा? ये है वजह
19 नवंबर को पूरी दुनिया में टॉयलेट डे मनाया जाता है। भारत में चल रहे स्वच्छ भारत अभियान की पूरी दुनिया में तारीफ की जा रही है। भारत में पिछड़े इलाकों में भी सरकार टॉयलेट्स बनवा रही है ताकि खुले में शौच की समस्या से निजात पाया जा सके। शहरों में आपने ऑफिसेज या मॉल में बने पब्लिक टॉयलेट्स कभी ना कभी यूज किए होंगे। लेकिन क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है कि इन टॉयलेट्स के दरवाजे नीचे से खुले क्यों होते हैं?
पीएम नरेंद्र मोदी के "स्वच्छ भारत अभियान" के तहत आपको हर जगह टॉयलेट्स मिल जाएंगे जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं। खासकर ऑफिस, मॉल और पब्लिक प्लेस पर टॉयलेट्स रहते ही हैं। जब भी हम पब्लिक प्लेसेस के टॉयलेट के दरवाजे को देखते हैं तो मन में एक बार तो ये ख्याल जरूर आता है कि आखिर इसका दरवाजा इतना छोटा क्यों है? क्या इस पर खिड़की का दरवाजा लगा दिया गया है? लेकिन इसके पीछे कई कारण हैं। सबसे पहला कारण तो ये है कि इससे साफ-सफाई में आसानी होती है। चूंकि, पब्लिक टॉयलेट्स का इस्तेमाल कई लोग करते हैं, इसलिए ये काफी जल्दी गंदे हो जाते हैं। ऐसे में नीचे से खुले दरवाजों की वजह से फ्लोर को पोंछने में आसानी होती है। लेकिन यही सिर्फ एक कारण नहीं है। और भी कई वजहों से टॉयलेट्स के दरवाजे छोटे रखे जाते हैं।

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