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क्या आप भी पीते हैं प्लास्टिक के गिलास में पानी? ये है इसके पीछे का सच


जब भी हम बाहर का पानी पीते हैं तो हमें पता होता है कि वह साफ नहीं होगा इसलिए हम कोशिश करते हैं पानी की पैक बोतल खरीद कर ही पिएं। लेकिन अगर आपको बोला जाए कि जिसमें आप पानी और चाय पीते हैं, वही ग्लास साफ न हो तो? जी हां, कैसे होता है

- कई बार हमारी तबियत खराब हो जाती है, तो हमें लगता है बाहर का खाना खाकर हुई होगी। लेकिन असल में ये सिर्फ खाने की वजह से ही नहीं होती, बर्तनों की भी वजह से होती है।

आपने जभी भी डिस्पोजल गिलास से पानी पिया होगा तो उसमें देखा होगा की वे आसानी से एक दूसरे से अलग हो जाते हैं। बता दें, इनमें मशीन द्वारा हल्की सी मोम की परत लगा दी जाती है ताकि ये एक दूसरे से आसानी से अलग हो सकें।

- जब भी हम उसमें पानी या चाय डालकर पीते हैं तो वह मोम पिघल कर उसमें मिक्स हो जाती है और यहीं डिस्पोजल के केमिकल हमारे शरीर में पहुंचकर घातक बन जाते हैं।

गिलास में जैसे ही आप उंगली घुमाएंगे वैसे ही आपकी उंगली चिकनी हो जाएगी। ये चिकना पदार्थ मोम होता है।