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बेवजह नहीं रोते है कुत्ते, मनुष्य को देते है एक संदेश


ऐसा माना जाता है की कुत्ता मनुष्य का पुराना साथी रहा है. शायद इसलिए ही मनुष्य ने कुत्तो के व्यवहार पर काफी अध्ययन किया है.

इस अध्ययन में कुछ ऐसे तथ्य का खुलासा हुआ है. जिनसे हम भविष्य की घटनाओं के बारे मे पहले से पता लगा सकते है.

शास्त्रो के अनुसार कहा जाता है कि कुत्ते की छठी इंद्री के कारण मनुष्य पर जब किसी तरह की कोई भारी विपदा आने वाली होती है.

कुत्तो को छठी इंद्री की सहायता से पहले ही ज्ञात हो जाता है की मनुष्य को किसी तरह की कोई विपदा का सामना करना पड़ सकता है.

इसलिए वह रोना शुरु कर देता है. जिस कारण कुत्ते के रोने को अशुभ माना जाता है. कुत्ते के रोने से मनुष्य इस बात को जान लेता है की कही न कही कुछ बुरा होने वाला है.

वैसे तो कुत्तो का भोकना आम बात है. हालांकि कुत्ता दिन में आसमान की तरफ मुंह करके भौंकता है तो वह मानव जाती के लिए काफी अशुभ माना जाता है.

 कुत्तो का आसमान की तरफ देखकर भौंकना भविष्य में सूखा पड़ने का संकेत देता है.

कई बार जब हम किसी काम से घर से बहार जाते है तो अक्सर कुत्ते हमारे सामने जमीन पर लोट लगाता हुआ दिखाई देता है.

इस स्थिति मे कुत्ता आपको संकेत देता है की आप जिस काम के लिए जा रहे है वह काम नहीं बनेगा.

कई बार कुत्ते आपके जूते चप्पल लेकर भाग जाते है यदि ऐसा आपके साथ भी होता है तो आपको सावधान होने की आवश्यकता होती है.

क्योंकि कुत्ते का जूते चप्पल लेकर भागना हमें आर्थिक रुप किसी बड़े नुकसान का संकेत देता है.