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8वीं फेल लड़के ने बना दी करोडो की कंपनी, अंबानी भी हैं इनके क्लाइंट


हर माता-पिता अपने बच्चो से कहते हैयदि जीवन में बड़ा आदमी बनाना है तो मन लगा कर पढ़ाई करो अच्छे नम्बरो से पास होने पर तुम्हे अच्छी नौकरी मिलेगी. जीवन में यदि सफल होना है तो पढ़ाई बहुत जरुरी है.

क्योंकि पढ़ाई करने से व्यक्ति जीवफं में आगे की और बढ़ता है और सफलता को प्राप्त करता है. माता पिता के द्वारा कही जाने वाली इन बातो को मुंबई के एक लड़के ने उलटा कर दिया है.

मुंबई के त्रिशनित अरोड़ा नामक एक लड़का का पढ़ाई में मन नहीं लगताथा. जिस कारण उनका परिवार अक्सर परेशान रहता था. उन्हें अपने बच्चे के भविष्य के लिए चिंता हो रही थी. पढ़ाई में मन न लगने के कारण उनकी पसंद ही उनकी सफलता बन गई.

आज के समय में वह 23 साल की छोटी सी उम्र में ही साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट बन गए हैं.उनकी इस स्टोरी को ह्यूमन ऑफ बॉम्बे के फेसबुक पेज पर शेयर की गई है.

त्रिशनित अरोड़ा के अनुसार उन्हें बचपन से ही पढ़ाई एम् मन नहीं लगता था. लेकिन उन्हें कम्प्यूटर में काफी रुची थी. वह उस समय काफी वक्त वीडियो गेम ही खेला करते थे. अधिक समय तक कम्प्यूटर में बैठे रहने से उनके पिता काफी परेशान होने लगे.

त्रिशनित के पिता प्रतिदिन कम्प्यूटर का पासवर्ड बदल देते थे. लेकिन त्रिशनित अपनी प्रतिभा से पासवर्ड को क्रेक कर देता था. पिता अपने बेटे की इस बात से काफी प्रभावित हो गए. उन्होंने अपने बेटे को नया कम्प्यूटर लाकर दे दिया. समय का पहिला बदलता गया और उनकी जिंदगी बदल गई.

त्रिशनित के माता पिता को स्कूल प्रिंसिपल ने बताया की उनका बच्चा 8वीं में फेल हो गया है. फेल होने के बाद माता-पिता ने उनसे पूछा जीवन में वह आखिर करना क्या चाहते हैं. उन्होंने उस समय अपने जीवन का फैसला लेते हुए बताया की वह कम्प्यूटर में ही अपना करियर बनाएंगे. फेल होने के बाद पिता के कहने पर स्कूल छोड़ कम्प्यूटर को और अच्छे से सिखने लग गए.

उन्होंने 19 साल की उम्र में सॉफ्टवेयर क्लीनिंग और कम्प्यूटर फिक्सिंग करना सीख लिया था. उन्होंने छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करना शुरू किया. उनके काम से पहला चेक उन्हें 60 हजार रुपये का मिला था. अपनी म्हणत की कमाई से पैसे बचाकर उन्होंने खुद की कंपनी में खर्च करने का विचार किया.

उन्होंने टीएसी सेक्यूरिटी सॉल्यूशन एक साइबर सिक्युरिटी कंपनी का निर्माण किया है. फेल होने के बाद वैसे तो उन्होंने स्कूल से दुरी बना ली थी लेकिन 12वीं डिस्टेंस एज्यूकेशन से पूरी की और बीसीए कर लिया.

महज 21 साल की उम्र में त्रिशनित अरोड़ा ने अपनी कंपनी का शुभारम्भ किया. रिलायंस, सीबीआई, एवन साइकिल, पंजाब पुलिस, जैसी कई कंपनियों को त्रिशनित साइबर से जुड़ी सुविधा दे रहे हैं.

उन्होंने हैकिंग पर कई किताबें भी लिखी हैं. जिनमे दि हैकिंग एरा, हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा और हैकिंग विद स्मार्ट फोन्स जैसी कई किताबें लिखी हैं.

जानकारी के अनुसार त्रिशनित का दुबई में एक ऑफिस है और भारत में चार ऑफिस हैं.