मिलिए KBC-9 की पहली करोड़पति लेडी की फैमिली से, पति ने कही यह बात
केबीसी-9 में जमशेदपुर की रहने वाली अनामिका मजूमदार इस सीजन की पहली करोड़पति कंटेस्टेंट बन गई हैं। रविवार को वो रांची एयरपोर्ट पहुंची और यहां से जमशेदपुर के लिए रवाना हो गईं। इधर, एक दिन पहले उनके पति सत्यप्रिय ने कहा- 'बात एक करोड़ रुपए की नहीं है। खुशी इस बात की है कि अनामिका ने हमें उस मंच पर बैठा दिया, जहां पहुंचना उनके लिए सपना से भी बड़ा है।'
-अनामिका मजूमदार समाज के निचले तबके के बच्चों के सर्वांगीण विकास उनके रचनात्मक विकास में पिछले 7 वर्ष से लगी हैं। अनामिका दो बच्चों की मां हैं।
-पति सत्यप्रिय बिल्डिंग डेवलॅपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़े है। अनामिका ने फेथ इन इंडिया नाम से संस्था का गठन किया है।
-सत्यप्रिय ने बताया कि 'अनामिका ने बच्चों को डांस सिखाने के लिए घर पर ही एक क्लास रूम बना रखा है। अनामिका को ऐसा करने की प्रेरणा उनकी मां साबित बासु से ही मिली।'
-अनामिका की मां ने उन्हें कला में निपुण किया। उन्होंने हमेशा उसे आगे बढ़ाया। एक करोड़ रुपए का क्या करेंगे पर उन्होंने साफ कहा कि 'ये रकम अनामिका की मेहनत के हैं और उन्होंने अपने संस्था के नाम पर खेला है। इसलिए वे भी चाहते हैं कि अनामिका ये पैसे समाज सेवा पर खर्च करे।'
अनामिका तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं। अनामिका की पढ़ाई शहर के सिदगोड़ा स्थित राम कृष्ण मिशन स्कूल से हुई। 12वीं की पढ़ाई जमशेदपुर पब्लिक स्कूल से हुई।
-आगे उन्होंने दिल्ली से सीएनसी ऑपरेटिंग में पढ़ाई की। ये एक टेक्नीकल एजुकेशन है। अनामिका कंप्यूटर की पढ़ाई एपटेक में टॉपर रह चुकी हैं।
-एक भाई कौशिक गुहा सबसे छोटा है, जो बंगलुरू में रहता है। वो सॉफ्टवेयर सेक्टर में काम कर रहे हैं। अनामिका खुद अपने प्ले के गीत लिखती हैं और धुन तैयार करती हैं।
-इसके बात प्रोफेशनल कंपोजर से म्यूजिक तैयार करवाती हैं। बच्चों ने कहा- 'वे मां के काम से खुश हैं और वो भी चाहते हैं कि वे जीती हुई धनराशि समाज सेवा और गरीब बच्चों के लिए खर्च करें।'
-दिल्ली पुब्लिक स्कूल में 9वीं में पढ़ाई कर रहा बेटा अर्नब मजूमदार अपनी मम्मी की इस कामयाबी से बहुत खुश है। अर्नब ने कहा- 'स्कूल में सभी दोस्त क्या कहेंगे, वो ये सोच कर बहुत एक्साइटेड है।'
-उसी स्कूल में 7वीं क्लास में पढ़ने वाली बेटी प्रेरणा मजूमदार भी मां की इस सफलता से काफी खुश है। प्रेरणा ने कहा कि मम्मी को अब संस्था के लिए पैसे की कमी नहीं होगी।

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