राधे मां के लिए दिल्ली के थानेदार ने अपनी कुर्सी छोड़ी, हाथ जोड़े खड़े हो गए
दिल्ली के विवेक विहार थाने में राधे मां को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के मामले में थाना प्रभारी समेत छह पुलिसवालों को लाइन अटैच कर दिया गया है। इस घटना से जुड़ी एक तस्वीर न्यूज एजेंसी ने जारी की थी, जिसमें विवादों में घिरी राधे मां इंस्पेक्टर की कुर्सी पर बैठी नजर आ रही है। उसके बगल में ही थाना प्रभारी संजय शर्मा और कुछ दूसरे पुलिसवाले भक्त की तरह हाथ जोड़कर खड़े हैं। शर्मा ने गले में लाल चुनरी डाली हुई है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विवेक विहार थाने के ही कुछ पुलिसवाले राधे मां के साथ नाचते-गाते नजर आ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में थाने के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह फोटो नवरात्र का है। विवेक विहार थाना क्षेत्र में रामलीला हो रही थी। ज्यादा भीड़ होने की वजह से थाना प्रभारी उसे थाने में ले आए थे।
- मामले ने तूल पकड़ा तो मीडिया ने थाना प्रभारी से सवाल किया, लेकिन वे इस पर कुछ भी बोलने से बचते रहे।
बता दें कि राधे मां पर डाउरी हैरेसमेंट, सेक्शुअल हैरेसमेंट और धमकी देने के आरोप लग चुके हैं। हाल ही में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी उसे फर्जी संत घोषित किया था।
राधे मां का जन्म पंजाब के गुरदासपुर जिले के एक सिख परिवार में हुआ था।
- इनकी शादी पंजाब के ही रहने वाले व्यापारी सरदार मोहन सिंह से हुई है।
- शादी के बाद एक महंत से राधे मां की मुलाकात हुई, जिसके बाद से ही उसने आध्यात्मिक जीवन अपनाया।
- कुछ समय बाद वह मुंबई आ गई और राधे मां के नाम से मशहूर हो गई।
- राधे मां के खिलाफ मुंबई, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात में अलग-अलग केस दर्ज हो चुके हैं। दहेज मामले में मुंबई पुलिस उनसे पूछताछ भी कर चुकी है। हालांकि, तमाम आरोपों को राधे मां ने गलत बताया है।
- बता दें कि हाल ही में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने राधे मां समेत 14 लोगों को फर्जी संत घोषित किया है।
- इस लिस्ट में आसाराम, सुखबिंदर कौर उर्फ राधे मां, सच्चिदानंद गिरि उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत राम रहीम, ओमबाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ओम नमः शिवाय बाबा, नारायण साईं, रामपाल, आचार्य कुशमुनि, बृहस्तपति गिरि और मलखान सिंह के नाम हैं।

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