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पत्नी के साथ कमरे में था गैंगस्टर, पुलिस पहुंची तो वाइफ ने की ये हरकत



गैंगस्टर अखिलेश सिंह को मुठभेड़ के बाद गुड़गांव के सुशांत लोक एरिया के एक गेस्ट हाउस से वाइफ गरिमा सिंह के साथ अरेस्ट कर लिया गया। उसके दोनों घुटनों में एक-एक गोली लगी है। बताया जा रहा है कि पुलिस पहुंचने के बाद अखिलेश ने फायरिंग शुरू कर दी। उधर उसकी पत्नी ने पुलिस से पिस्तौल छिनने की कोशिश की जिसके आरोप में उसे जेल भेज दिया गया है।

 सात लाख के इनामी अखिलेश पर जेलर उमाशंकर पांडेय, श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे और झामुमो नेता उपेंद्र सिंह सहित आठ लोगों की हत्या, अपहरण और रंगदारी के 56 मामले दर्ज हैं। 15 नवंबर 2015 को जमानत मिलने के बाद से वह फरार था।


- गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार ने बताया कि जमशेदपुर पुलिस की टीम कई दिनों से गुड़गांव और दिल्ली में थी।


- डीसीपी क्राइम सुमित कुमार और जमशेदपुर के ग्रामीण एसपी प्रभात कुमार ने रात डेढ़ बजे गेस्ट हाउस को घेर लिया।


- यहां अखिलेश कमरा नंबर बी-502 में पत्नी के साथ ठहरा था। जैसे ही कमरे का दरवाजा खटखटाया, अंदर से अखिलेश ने फायरिंग कर दी।


- इसके बाद पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी जिसमें पुलिस की दो गोलियां उसके घुटनों में लगी।
- पुलिस की फायरिंग के दौरान ही अखिलेश की पत्नी गरिमा सिंह एसआई राजकुमार की पिस्तौल छीनने लगी।


- इसके बाद पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया। कमरे से कई जरूरी कागजात मिले हैं।


- अखिलेश को घायल अवस्था में गुड़गांव के ही सिविल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। वहीं डॉन की पत्नी गरिमा को सेक्टर-29 थाने में रखा गया है।


बिहार-झारखंड का डॉन अखिलेश सिंह पुलिस इंस्पेक्टर पर गोली चलाने सहित कई मामलों में वांछित था।


- अखिलेश का नाम जमशेदपुर में एक जेलर की हत्या के बाद चर्चा में आया था।


- उस वक्त जेलर की हत्या कर दी थी, जिस दिन जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में भारत-वेस्टइंडीज का मैच चल रहा था।


- इस घटना के बाद उसने जमशेदपुर में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


- कई साल तक जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूटा। फिर फरार हो गया था।


पिछले महीने अखिलेश सिंह के पिता चंद्रगुप्त सिंह के ऊपर दो अपराधियों ने फायरिंग की थी।
- फायरिंग की घटना तब हुई थी, जब वह अपने घर के बाहर कुछ लोगों के साथ बैठे थे।

- फायरिंग में चंद्रगुप्त सिंह के करीबी को गोली लगी थी। चंद्रगुप्त सिंह झारखंड पुलिस एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। रिटायर होने के बाद वह राजनीति में सक्रिय हैं।