जैन मुनि ने सीमेन सैम्पल की जगह दे दिया ये, साढ़े छह घंटे चला मेडिकल टेस्ट
जैन मुनि जब मेडिकल चेकअप के लिए शनिवार को सिविल हॉस्पिटल पहुंचा था, तब उसके बाल, नाखून, सलाइवा और ब्लड लिया गया था।
लड़की से रेप के आरोप से चर्चा में आया जैन मुनि जब मेडिकल चेकअप के लिए शनिवार को सिविल हॉस्पिटल पहुंचा था, तब उसके बाल, नाखून, सलाइवा और ब्लड का सैम्पल लिया गया था।
लेकिन सीमेन सैम्पल के लिए जब उसे कहा गया तो उसने सीमेन की जगह शीशी में थूक डाल कर दे दिया था।
डॉक्टर ने सैम्पल को देखकर थूक होने की आशंका जताई थी। साढ़े छह घंटे चला आरोपी मुनि का मेडिकल टेस्ट...
- जैन मुनि से सीमेन सैम्पल लेने का चार बार प्रयास किया गया था। जैन मुनि ने डॉक्टर के सामने स्वीकार किया था कि उसने लड़की की सहमति से उसके साथ यौन संबंध बनाया था।
- इसका स्टेटमेंट हॉस्पिटल के रिकॉर्ड में है। सीमेन सैम्पल नहीं मिलने से मुनि को सोमवार को दोबारा हॉस्पिटल बुलाया गया था, लेकिन जिस डॉक्टर की ड्यूटी के दौरान सैम्पल लिया गया और मेडिकल चेकअप किया गया था, वह उस दिन नहीं था।
उस डॉक्टर की ड्यूटी बुधवार को थी, इसलिए आरोपी जैन मुनि को बुधवार को फिर से बुलाया गया।
यूरोलॉजिस्ट के बगैर साढ़े छह घंटे चला आरोपी मुनि का मेडिकल टेस्ट
- नानपुरा दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य शांति सागर पर वडोदरा की एक युवती द्वारा रेप का आरोप लगाने के बाद आरोपी मुनि को पोटेंसी, सीमेन और डीएनए टेस्ट के लिए बुधवार को सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया।
- वहां अठवा पुलिस के पहरे में करीब साढ़े छह घंटे तक मेडिकल चेकअप किया गया। इसके बाद मुनि को वापस लाजपोर जेल भेज दिया गया।
- इससे पहले पीड़िता का मंगलवार को डीएनए टेस्ट सिविल हॉस्पिटल में किया गया था। हालांकि, जांच यूरोलॉजिस्ट के बगैर ही फोरेंसिक डिपार्टमेंट के हेड डॉ. ए गोवेकर की मौजूदगी में हुई।
- इसे लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उधर पुलिस का कहना है कि मुनि का डीएनए, पोटेंसी, एक्स-रे और बॉडी चेकअप किया गया, जबकि हॉस्पिटल प्रशासन जांच के संबंध में कुछ भी बोलने से बच रहा है।
- जांच के दौरान डॉक्टरों ने एक्स-रे और सोनोग्राफी किया, जिसमें सभी रिपोर्ट नॉर्मल रही।
मुनि को बुधवार सुबह 10:30 बजे सिविल हॉस्पिटल लाया गया था और शाम 4:30 बजे तक उसकी जांच चलती रही।
इनकार : बाहर का खाना देने की अर्जी नामंजूर
- जेल में बंद आरोपी जैन मुनि के लिए समाज के लोगों ने बाहर से खाना देने के लिए जो अर्जी जेल प्रशासन के समक्ष लगाई थी, उसे नामंजूर कर दिया गया है।
- समाज से जुड़े राजेश जैन ने बताया कि जैन मुनि बिना लहसुन और प्याज के खाना खाते हैं।
इसलिए समाज की तरफ से जेल प्रशासन के समक्ष अर्जी की गई थी कि उन्हें बाहर का खाना खाने दिया जाए, लेकिन नियमों का हवाला देकर प्रशासन ने ऐसा करने से मना कर दिया।
चेकअप : इससे पहले कोशिश हुई थी असफल
- इससे पहले आरोपी मुनि शांति सागर को शनिवार को सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया था, जिसमें मुनि के बाल, नाखून, ब्लड व सलाइवा का सैम्पल लिया गया था।
- वहीं सीमेन टेस्ट सैम्पल के लिए कई बार प्रयास किए गए थे, लेकिन डॉक्टर को सफलता नहीं मिली थी।
इसलिए सिविल की सीएमओ अर्चना पटेल ने दोबारा सैम्पल लेने के लिए बुधवार को बुलाया था, जहां सभी जरूरी मेडिकल चेकअप किया गया।
मेडिकल चेकअप के दौरान यूरोलॉजिस्ट का होना जरूरी
नियमानुसार पोटेंसी, डीएनए और सीमेन जैसी जांचों के लिए यूरोलॉजिस्ट का होना अनिवार्य है, ताकि जांच की वैधता को सत्यापित किया जा सके, लेकिन जानकारी मिली है
कि मुनि की जब जांच चल रही थी, उस दौरान सिर्फ फोरेंसिक डिपार्टमेंट के डॉक्टर ही मौजूद थेे। इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं कि ऐसा क्यों किया गया।


Post a Comment