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बेटे की मौत पर छाया था मातम, अचानक उसे सामने खड़ा देख भागे लोग



हरदीबाजार के ढोलपुर में रहने वाले मंगलूराम केंवट के घर उसके बड़े बेटे सुंदर के अंतिम संस्कार के बाद गुरुवार को होने वाले दशगात्र की तैयारी चल रही थी। शोक पत्र बट चुके थे। नाते-रिश्तेदार भी आ चुके थे। इस बीच 8वें दिन सुंदर घर पहुंचा तो परिजन उसे भूत समझकर भागने लगे।


 सुंदर ने किसी तरह खुद के जिंदा होने का भरोसा दिलाते हुए एक्सीडेंट में मरने वाले को कोई दूसरा होना बताया। जिसके बाद मातम की जगह परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।


- पाली मेन रोड पर धाैराभांठा के पास 25 सितंबर को कोयला लोड ट्रेलर कार को चपेट में लेते हुए पुल से नीचे नाला में गिरा था।


- घटना में ट्रेलर में सवार चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। दोनों मृतक की शिनाख्त नहीं हुई थी।


- घटना के 3 दिन बाद हरदीबाजार चौकी के पास ढोलपुर निवासी मंगलू राम केंवट कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ पाली थाना पहुंचा।



- जहां उसने मृत ट्रेलर चालक की शिनाख्त अपने बड़े पुत्र सुंदर के तौर पर की।
- पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई के बाद मरच्यूरी में रखा चालक का शव उन्हें सौंप दिया।


- शव को गांव लाया गया, जहां परिजनों ने रीति-रिवाज से कफन-दफन करके उसका अंतिम संस्कार किया। जहां मठ बनाकर सुंदर का नाम भी लिख दिया गया।


 बेटे की मौत के बाद परिजनों ने अागे शोक कार्यक्रम शुरू किया। गुरुवार को दशगात्र (तेरहवीं) के लिए शोक पत्र बांटे गए।


- नाते-रिश्तेदार मंगलू के घर पहुंच गए। मंगलवार की सुबह लगभग 10 बजे परिजन 8वें दिन की रस्म पूरी कर रहे थे।

- इस बीच सुंदर घर पहुंचा। अचानक सामने सुंदर को देखकर परिजन उसे भूत समझ बैठे। कुछ लोग इधर-उधर भागने लगे।


- सुंदर ने आवाज लगाकर उन्हें कहा कि भूत नहीं मैं सुंदर हूं और जिंदा खड़ा हूं, एक्सीडेंट में जो मरा है वो कोई दूसरा है।


- परिजनों को उसकी बात पर भरोसा हुआ। जिसके बाद घर में छाया मातम का माहौल खुशी में बदल गया। मां-बाप ने सुंदर को गले लगा लिया।


 सुंदर घर से बोलकर निकला था कि वो कुछ लोगों के साथ ट्रेलर में कहीं जा रहा है। ऐसे में घरवालों को भरोसा हो गया कि मृतक सुंदर ही है।


- सुंदर के पिता मंगलू ने बताया कि बेटे की शादी भी नहीं हुई थी। सभी बहुत जल्दी उसकी शादी करने वाले थे। अचानक पता चला कि एक्सीडेंट में उसकी मौत हो गई तो परिवार में मातम छा गया।


- जवान बेटा जो हर काम में हाथ बंटाता था उसका चला जाना बहुत अखरा। जब शिनाख्त करने पहुंचे तो ठीक बेटे जैसे दिखने वाले ट्रेलर ड्राइवर को बेटा सुंदर समझ लिया।


- फिर क्या था। हम दिल पर पत्थर रख अंत्येष्टि करने के बाद दशगात्र की तैयारी कर रहे थे। अचानक घर के दरवाजे पर बेटे को देख सभी डर गए। घर की महिलाएं चीखने लगीं। हे भगवान ये क्या हो गया।


- अब सभी खुश हैं और जल्द ही घर में बेटे की शादी की खुशियों के ढोल-नगाड़े गूंजेंगे।