बावड़ी से आ रही थी डरावनी आवाज, झांका तो समझ में आया माजरा
सरहद पर स्थित एक बावड़ी में तीन दिन पहले एक ऊंट गिर गया।
वहां अासपास खेतों में काम करने वाले गांववालों को ऊंट की आवाज भी आ रही थी, परंतु डर के मारे उसके पास नहीं जा रहे थे।
इस दौरान गांव के एक बुजुर्ग वागाराम देवासी ने हिम्मत जुटाकर बावड़ी में देखा तो उन्हें माजरा समझ में आया।
पानी कम होने के कारण ऊंट जिंदा था। वागाराम ने इसकी जानकारी गांववालों को दी। गांववालों ने तुरंत एक क्रेन बुलवाई।
दो लाेग पगड़ी की सहायता से कुएं में उतारे गए। सबने मिलकर क्रेन से ऊंट को बाहर निकाला। ऊंट को केवल हल्की चोट आई।
इससे पहले बावड़ी में उतरकर ऊंट को रस्सी से बांधा गया।

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