सिर्फ 7 साल में 1100 रु. के निवेश से बन गए करोड़पति!
अगर सात साल पहले किसी ने महज 1125 रुपये बिटकॉइन में इन्वेस्ट किए होते तो उसकी कीमत अब 1 करोड़ रुपए होती. यह सुनकर थोड़ा अजीब लग रहा होगा, लेकिन यह सच है और लोगों को लाखों फीसदी रिटर्न मिला है. इतने ज्यादा रिटर्न के बाद यह निवेश भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों के लिए पहेली बन गया है. हालांकि, आपको बता दें कि दुनिया में अभी तक किसी भी देश ने इस करेंसी को मान्यता नहीं दी है.
आइए जानते हैं कि आखिर कहां इतना ज्यादा रिटर्न मिला है....
आजकल आपने कई लोगों को बिटक्वॉइन की बात करते हुए सुना होगा. भारत में भी जिन लोगों ने बिटक्वॉइन में निवेश किया था, उन्हें जमकर मुनाफा हुआ है. अंग्रेजी बिजनेस की वेबसाइट सीएनबीसी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक आज से 7 साल पहले (सन 2010) बिटक्वॉइन की कीमत 1 डॉलर (उस समय भारतीय मुद्रा में करीब 45 रुपए) थी और आज उसकी कीमत बढ़कर 6000 डॉलर (करीब 3.90 लाख रुपए) रुपए हो गई है. मतलब साफ है कि आपको 25 बिटकॉइन के लिए 1125 रुपए खर्च करने होते. उनकी कीमत अब 1 करोड़ रुपए हो गई है.
6.50 लाख हो सकती है बिटकॉइन की कीमत: शनिवार को बिटक्वाइन के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई. साथ ही यह लंबे समय से दुनिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करंसी बन गई. बिटक्वाइन प्राइस इंडेक्स के मुताबिक इसकी एक यूनिट की कीमत शनिवार को 6000 डॉलर (3.90 लाख रुपए) के स्तर पर पहुंच गई. इसका मतलब है कि भारतीयों को एक बिटक्वॉइन खरीदने के 3.90 लाख रुपए खर्च करने होंगे. सीएनबीसी के सर्वे के मुताबिक एक बिटकॉइन का भाव 10,000 डॉलर तक पहुंच सकता है.
अमीरों में मची खरीदने की होड़: सबसे महंगे करंसी की बात करें तो यह डॉलर और पाउंड से आगे है. खास बात यह है कि दुनिया भर के अमीरों में इसे खरीदने की होड़ रहती है. इसका नाम है बिटकॉइन. अमीरों में इसके प्रति क्रेज बढ़ता जा रहा है. बिटकॉइन एक डिजिटल करंसी है जो लोगों को बिना क्रेडिट, क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता या अन्य थर्ड पार्टी के सामान और सेवाओं को खरीदने और मुद्रा का आदान-प्रदान करने की अनुमति देती है. बिटकॉइन से होने वाले कुल व्यापार में 40 प्रतिशत हिस्सा जापान का है.
कैसे मिलते है बिटकॉइन: यह एक ऐसी करंसी है, जिस पर किसी देश की सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. रुपए या डॉलर की तरह इसकी छपाई नहीं की जाती. इसकी कंप्यूटर के जरिए खोज की जाती है. एक पहेली को ऑनलाइन हल करने से बिटक्वाइन मिलते हैं, साथ ही पैसे देकर भी इसे खरीद जा सकता है.
भारत में बिटकॉइन: फंड ट्रांसफर, इंटरनेट पर सीधे लेनदेन, सामान खरीदने और गैरकानूनी खरीद-बिक्री में इसका होता है. हालांकि, इसको लेकर सवाल भी खड़े होते रहे हैं, जैसे- इसके दाम में अक्सर उतार-चढ़ाव दिखता रहा है. बिटक्वाइन करंसी किसी सेंट्रल बैंक के कंट्रोल में नहीं है और बिटक्वाइन का सौदा किससे हुआ ये पता लगा पाना मुश्किल है.

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