पहली बार सामने आई बलात्कारी बाबा की दूसरी मुंहबोली बेटी, खोले साल 2009 की सर्दियों के राज
बलात्कार के दोषी राम रहीम और उसकी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के दामन पर दाग की भरमार है।
हनीप्रीत की गिरफ्तारी से पहले एक इंटरव्यू में उसने कहा था कि मीडिया बाबा के साथ उसके रिश्ते को गलत तरह से दिखा रही है।
एक दिन यह सच साबित भी होगा। हालांकि राम रहीम और उसका परिवार जिस तरह जांच के घेरे में है, उससे नहीं लगता कि फिलहाल ऐसा कोई सच सामने आने वाला है।
इस बीच राम रहीम की एक और मुंहबोली बेटी सामने आई है। कभी यह बेटी वेश्यावृत्ति में शामिल थी। इसका दावा है कि बाबा पर जो भी आरोप लगे हैं, सब झूठे हैं।
यह बेटी भी एक दिन सच के सामने आने का दावा कर रही है। बीरियल यू डॉट कॉम को दिए इंटरव्यू में राम रहीम की मुंहबोली बेटी ने अपनी कहानी साझा की।
उसने बताया कि साल 2009 से पहले वह वेश्यावृत्ति में शामिल थी। जिन्दगी बद से बदतर होती जा रही थी। उसे चंद पैसों के लिए देशभर के शहरों में जाना पड़ता था।
बचपन से ही इस राह पर धकेल दिया गया, इसलिए जीने का कोई और रास्ता भी नहीं था।
यही है राम रहीम की मुंहबोली बेटी
राम रहीम की मुंहबोली बेटी ने बताया कि वह बुरी तरह से परेशान थी। जिंदगी से हार चुकी थी।
इसी दौरान कुछ भले लोग उसे मिले और बाबा राम रहीम के डेरे में शरण लेने को कहा। पहले तो इस लड़की ने उनकी बात नहीं मानी और वापस अपने परिवार के पास जाने की सोची।
उसे सिर्फ अपनी बड़ी बहन के घर की जानकारी मिली। वह उसके पास गई, लेकिन बहन ने स्वीकारने से मना कर दिया और डेरे में जाने को कह दिया।
सारे रास्ते बंद हो चुके थे, सिर्फ वही राह बाकी थी, जिससे लड़की बचना चाहती थी।
आखिरकार लड़की ने डेरा जाने की सोची। लड़की के मुताबिक, जब वह हरियाणा के डेरे में पहुंची, तो वहां का माहौल बहुत अच्छा लगा।
उसने बताया कि बाबा से पहली मुलाकात काफी अच्छी रही। उन्होंने मुंहबोली बेटी के तौर पर गोद लिया। फिर डेरे के अस्पताल में इलाज कराया।
इस लड़की के मुताबिक बाबा राम रहीम वेश्यावृत्ति में फंस चुकी लड़कियों को निकालने के लिए एक अभियान चलाते थे। इस अभियान को उन्होंने ‘शुभ देवी’ नाम दिया था।
हमसे फेसबुक पर भी जुड़ें!
लड़की के मुताबिक, ‘शुभ देवी’ के जरिए बाबा उन वेश्यावृत्ति में फंसी लड़कियों की मदद करते थे। उनकी शादी करवाते थे और मुख्यधारा में लेकर आते थे।
बाबा की इस बेटी ने अपनी शादी की कहानी भी साझा की। उसने बताया कि नवंबर, 2009 की सर्दी भरे मौसम में बाबा ने उत्तर प्रदेश के बरनावा में शाह सतनाम जी आश्रम में सामूहिक विवाह का आयोजन कराया।
बाबा के एक इशारे में 1500 युवक यहां शादी के लिए पहुंच गए। इन लड़कियों से वेश्यावृत्ति से निकाली गईं लड़कियों के साथ शादी की।
इन लड़कियों में राम रहीम की बेटी भी थी। इतना ही नहीं, बाबा लड़कियों की शादी के बाद उनके शुरुआती खर्च भी उठाते थे।
राम रहीम की मुंहबोली बेटी का दावा है कि बाबा की छवि खराब की जा रही है। हनीप्रीत से उनका सम्बन्ध बाप-बेटी जैसा है।
इसे बदनाम करने से लोगों को कुछ नहीं मिलेगा।


Post a Comment