मां-बाप को मार घर में किया था दफन, अब उन्हें मोक्ष दिलाना चाहता ये Killer
अपने शौक पूरे करने के लिए मां-पिता को मारकर घर के बाहर गार्डन में दफनाने वाले सीरियल किलर उदयन दास ने मां-पिता को मोक्ष दिलाने के लिए उन्हें तर्पण देने की इच्छा जाहिर की। मां-पिता को मारकर करीब 7 साल तक इस मर्डर की कहानी को दबा देने वाले इस शख्स ने कोर्ट से उनके नरकंकाल के अंतिम संस्कार के लिए भी कोर्ट से इजाजत मांगी थी। जानिए पूरा मामला
- सीरियल किलर उदयन दास का नाम सामने आते ही रायपुर के सुंदरनगर इलाके के एक मकान में जेसीबी से खुदाई के बाद नर कंकाल मिलने और भोपाल में चबूतरे के भीतर गर्लफ्रेंड की डेड बॉडी मिलने की पूरी कहानी सामने आ जाती है।
- इसी उदयन ने पश्चिम बंगाल के बांकुरा कोर्ट में पितृ पक्ष में अपने मात-पिता को तर्पण देने की इच्छा जाहिर की है।
- उदयन की इच्छा है कि ये रायपुर आकर अपने माता-पिता की आत्मा की शांति के लिए उनका श्राद्ध करना चाहता है। हालांकि कोर्ट ने अभी तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं दिया है।
ये मां-पिता को मारकर गाड़ने की पूरी कहानी
- वर्ष 2010 की एक शाम करीब 6 बजे उदयन के पिता बीके दास सामान लेने बाहर गए थे। इस दौरान उनकी पत्नी और उदयन की मां इंद्राणी पहली मंजिल पर अलमारी में कपड़े जमा रही थी।
- उदयन ने देखा कि मां कमरे में अकेली है। मौके का फायदा उठाकर मां को पलंग पर पटकते हुए गला दबाकर मार डाला।
- इस बीच पिता भी घर पर आ गए। पिता के मां के बारे में पूछा तो उदयन ने कहा कि मां ऊपर कपड़े जमा रही हैं, मैं चाय लाता हूं।
- उदयन ने चाय में 2 से 3 नींद की गोलियां मिलाकर उन्हें पिला दी। दास चाय पीते ही बेहोश हो गए इसके बाद उदयन ने उनकी भी गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या कर दफनाया
- उदयन ने मां-बाप की हत्या के बाद एक मजदूर को बुलाया और उससे सेप्टिक टैंक बनवाने के नाम पर करीब ६ फीट गहरा गड्ढा खुदवाया।
- रात 11 बजे वह माता-पिता की लाश घसीटते हुए गड्ढे में ले गया और उसे मिट्टी से भर दिया। इस मकान को उसने बाद में बेच दिया था। इसलिए की हत्या
- पूछताछ में उदयन ने पुलिस को बताया कि मां उसे बहुत परेशान करती थी। वह उसे रुपए नहीं देती थी जिससे वो अपने शौक पूरे कर सके।
- बात-बात पर टोकती रहती थी। ध्यान देने वाली बात है कि उदयन के पिता बीके दास भेल में फोरमैन थे। उदयन की मां विध्यांचल भवन में एनालिस्ट की पोस्ट से रिटायर हुई थीं। मां की पेंशन लगभग 30 हजार रुपए आती है।
- वो मां से पैसे लेकर ऐश करना चाहता था। जब वो नहीं देती तो उसने मारने का प्लान बना लिया।
- चूंकि भोपाल के एमपी नगर में फेडरल बैंक में पिता के साथ उदयन का ज्वाइंट अकाउंट था। मां-पिता की मौत के बाद उदयन हर माह उनका पेंशन निकाल लेता था और बैंककर्मी जब उनके बारे में पूछते तो टाल देता था।
मां-बाप को मारकर किया ये सब
- उदयन ने मां-पिता को मारने के बाद रायपुर स्थित मकान को बेंच दिया। उनके रिटायरमेंट के पैसे और मकान को बेचने से उसे पौने 2 करोड़ रुपए मिले।
- इन पैसों से उसने एक ऑडी कार और होंडा सिटी सिविक का टॉप मॉडल खरीदा और घर पर सोनी का सवा लाख का होम थिएटर लगवाया था।
सीमेंट के चबूतरे से निकली थी प्रेमिका
- पश्चिम बंगाल के बांकुरा में रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की बेटी आकांक्षा उर्फ श्वेता (28) की 2007 में उदयन नाम के लड़के से ऑरकुट पर दोस्ती हुई थी।
- जून 2016 में घर से नौकरी करने की बात कहकर आकांक्षा भोपाल आ गई। यहां वह उदयन के साथ रहने लगी। उसने परिवार वालों को बताया कि मैं अमेरिका में नौकरी कर रही हूं।
- जुलाई 2016 के बाद आकांक्षा के परिवार वालों से बात होनी बंद हो गई। भाई ने नंबर ट्रेस कराया तो लोकेशन भोपाल की निकली।
- परिवार के लोगों को शक था कि आकांक्षा उदयन के साथ रह रही है। दिसंबर 2016 में आकांक्षा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई।
- एक महीने की जांच के बाद पुलिस उसके ब्वॉयफ्रेंड उदयन के घर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने आकांक्षा की हत्या की बात कबूली।
उदयन ने आकांक्षा की हत्या क्यों की थी?
- आकांक्षा अपने एक दोस्त से फोन पर अक्सर बात करती थी। यह बात उदयन को नागवार गुजरती थी।
- 14 जुलाई 2016 की रात आकांक्षा और उदयन के बीच जमकर बहस हुई थी। आकांक्षा ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। आकांक्षा सो गई, लेकिन उदयन रातभर जागता रहा। मारने की प्लानिंग करता रहा।
- 15 जुलाई की सुबह वह आकांक्षा के सीने पर बैठ गया और तकिए से उसका तब तक मुंह दबाता रहा, जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं।
- इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने हाथ से उसका गला घोंट दिया। जब उसका गुस्सा शांत हो गया तो वो दिन दिन तक घर में आकांक्षा की डेड बॉडी रखकर उसके जिंदा होने का इंतजार करता रहा।
बॉडी सीमेंट के चबूतरे में दफन कर दी
- जब आकांक्षा की डेड बॉडी से बदबू आने लगी तो उदयन ने एक पुराने बख्शे को खाली कर उसमें शव डाल दिया।
- करीब एक घंटे बाद उसने बॉक्स में सीमेंट का घोल भर दिया। फिर उसे एक सीमेंट के चबूतरे में दफन कर दिया।
- बॉक्स में कंक्रीट भरने और चबूतरा बनाने में आरोपी उदयन ने कुल 14 बोरी सीमेंट का इस्तेमाल किया था।
- उदयन ने बताया कि शव काे बॉक्स में दफनाने का आइडिया इंग्लिश चैनल पर "वॉकिंग डेथ" सीरियल से मिला था। इसमें उसने एक ऐसी ही मर्डर मिस्ट्री देखी थी।
- हत्या के बाद वह चबूतरे पर ही गद्दा बिछाकर सो जाता था। चबूतरे पर परफ्यूम भी छिड़कता था।


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