एक थप्पड़ ने बिगाड़ दिया था रामायण की 'मंथरा' का चेहरा
80 के दशक के सीरियल 'रामायण' में मंथरा के रोल से फेमस हुईं ललिता पवार का चेहरा एक थप्पड़ ने बिगाड़ दिया था। अब वो इस दुनिया में नहीं है, लेकिन आज भी घर-घर में 'रामायण' की मंथरा के नाम से ही जानी जाती हैं।
80 के दशक के सीरियल 'रामायण' में मंथरा के रोल से फेमस हुईं ललिता पवार का जन्म 18 अप्रैल 1916 को नासिक में हुआ था। 24 फरवरी 1998 को पुणे में उनकी मौत हो गई थी। ललिता ने कई फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम किया है, लेकिन कामयाबी उन्हें 'रामायण' की मंथरा से मिली।
1942 में रिलीज हुई फिल्म 'जंग-ए-आजादी' के सेट पर को-एक्टर भगवान दादा ने ललिता पवार को ऐसा थप्पड़ मारा कि उनका करियर ही बर्बाद हो गया।
मरने से कुछ साल पहले एक इंटरव्यू के दौरान खुद ललिता ने बताया कि, "मैं फिल्म की शूटिंग कर रही थी, जिसमें एक सीन के लिए को-एक्टर को मुझे थप्पड़ मारना था।
उस एक्टर को मुझसे गुरेज था, इसलिए उसने इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि मैं फर्श पर गिर पड़ी। मुझे फेशिअल पैरालिसिस हो गया।
शॉट काफी अच्छे से हो गया, लेकिन मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। चार साल तक मेरा इलाज चला और मैं पूरी तरह काम से दूर रही। "ये साल मेरे लिए काफी मुश्किल भरे थे। मेरे चेहरे पर स्टिफनेस आ चुकी थी।
मैं जानती थी कि मेरा हीरोइन करियर खत्म हो गया, क्योंकि एक्ट्रेस के लिए सॉफ्ट फेस की जरूरत होती है। मैंने तय किया कि मुझे जो भी रोल मिलेंगे, मैं उसी में अपना बेस्ट देने की कोशिश करूंगी।"
1962 में ललिता फिल्म 'गृहस्थी' में नजर आईं, जो सुपरहिट साबित हुई। ललिता की मानें तो इस फिल्म के लिए उन्हें कई अवॉर्ड्स मिले थे। उन्होंने 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया।


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