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धरती से चांद तक सड़क बना सकता है भारत के इस डैम में इस्तेमाल हुआ कंक्रीट


56 साल के लंबे इंतजार के बाद सरदार सरोवर नर्मदा बांध प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। पीएम नरेंद्र मोदी केवडिया में बने इस 138.68 मीटर ऊंचे नर्मदा बांध का रविवार को इनॉगरेशन करेंगे। इस बांध को बनाने में 86.20 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट लगा है। इससे पृथ्वी से चंद्रमा तक सड़क बनाई जा सकती थी। कांक्रीट के इस्तेमाल के लिहाज से ये दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। अमेरिका का ग्रांट कुली नंबर वन बांध है।


इनॉगरेशन के दौरान डैम के गेट १०,15 मिनट के लिए खोले जा सकते हैं। ऐसा होने पर इससे 30 हजार क्यूसेक पानी बह जाएगा। यह बांध नर्मदा पर बनने वाले 30 बांधों में से एक है। बांध पूरा भर जाने पर गुजरात की पेयजल और सिंचाई की जरूरतें छह साल तक पूरी हो सकेंगी।सरदार पटेल ने की थी पहल...


- नर्मदा पर यह बांध बनाने की पहल 1945 में सरदार पटेल ने की थी। मुंबई के इंजीनियर जमदेशजी एम वाच्छा ने इसका प्लान बनाया। पर इसकी शुरुआत में ही 15 साल लग गए।
- 15 अप्रैल 1961 को तत्कालीन पीएम नेहरू ने बांध का शिलान्यास किया। 56 साल में बने इस बांध पर करीब 65,000 करोड़ रुपए खर्च हुए।