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कभी सांवले रंग की वजह से सुनती थी ताने, अब है ग्लैमर वर्ल्ड की फेमस मॉडल


22 साल की संगीता बचपन से हर जगह अपने काले रंग की वजह से ताने सुनती रहीं।

शहर की यंग मॉडल संगीता घेरू आज रीना ढाका, जेजे वालया, वेंडेल रॉड्रिग्ज जैसे टॉप नेशनल डिजाइनर्स के बीच पॉपुलर हो चुकी हैं।

इंडिया लेवल के हर फैशन वीक में रैम्प वॉक से अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली संगीता कभी अपने काले रंग की वजह से हर जगह रिजेक्ट होती थीं।

22 साल की संगीता बचपन से हर जगह अपने काले रंग की वजह से ताने सुनती रहीं।2 गोरी बहनों के बीच ढूंढती थीं अपनी पहचान...

- 2014 में अपने ही कॉलेज के ब्यूटी पेजेंट में जब उन्होंने हिस्सा लेना चाहा तो कॉलेज ने उन्हें इस ब्यूटी पेजेंट के लिए फिट नहीं माना और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।

आज अपने काले रंग की वजह से ही एक सशक्त महिला के तौर पर उन्हें पहचान मिली और उसी कॉलेज के ब्यूटी पेजेंट में उन्हें बतौर जज बुलाया जाता है।

- संगीता के काले रंग को लोगों ने हमेशा एक बड़ी कमजोरी के तौर पर देखा, जिसके कारण उसने कई मौकों पर अपना कॉन्फीडेंट खोया।

परिवार में दो गोरी बहनों के बीच वो अपनी पहचान को बार-बार ढूंढती, क्योंकि समाज उन्हें कभी भूलने नहीं देता था कि उनकी बहनें तो गोरी हैं और वो दुर्भाग्य से काली हैं।

- मॉडलिंग की दुनिया में जब करियर बनाने की सोच साथ लेकर चली तो मानो दुनिया ने शीशा दिखाते हुए कहा कि यह काली-पीली लड़की मॉडल कैसे बन सकती है? परछाई जैसी लगने वाली रैम्प वॉक कैसे कर सकती है।

- कुछ डिजाइनर्स ने अपने कलेक्शन के लिए उनकी पर्सनैलिटी को अनफिट बताया, लेकिन घेरू ने हार नहीं मानी।

अपने काले रंग को कमजोरी न मानते कर उन्होंने इसे अपनी शक्ति बना लिया और मॉडलिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की ठान ली।

- मिस इंडिया जैसे ब्यूटी पेजेंट कॉन्टेस्ट में उन्हें काले रंग की वजह से रिजेक्शन मिले, लेकिन आज वो अपने बेमिसाल कॉन्फिडेंस और स्टाइल के दम पर ग्लैमर की दुनिया में एक मुकाम हासिल कर चुकी हैं।