मजदूर का बेटा उतरेगा अमेरिकी फाइट क्लबों में, देश का फर्स्ट प्रोफेशनल किकबॉक्सर
हमारे देश में किकबॉक्सिंंग के ज्यादा खिलाड़ी नहीं हैं। इसलिए इंटरनेशनल स्तर पर भी देश के खिलाड़ी नहीं पहुंच पाते।
दिल्ली के एक मजदूर का बेटा जसवीर अत्री देश का पहला इंटरनेशनल प्रोफेशनल किक बॉक्सर बनेेगा। किकबॉक्सिंग खेल को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वर्ल्ड एसोसिएशन किकबॉक्सिंग आर्गनाइजेशन (वाको) ने एक योजना बनाई है।
इसके तहत देश के सर्वश्रेष्ठ किकबॉक्सरों का चयन किया जाएगा और उन्हें दूसरे देशों में होने वाले प्रोफेशनल किकबॉक्सिंग फाइट क्लबों में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। जसवीर इस योजना के लिए चुने जाने वाले पहले किकबॉक्सर हैं।
अब वे अमेरिका और यूरोप के फाइट क्लब में किकबॉक्सिंग करेंगे। देश में किकबॉक्सिंंग के ज्यादा खिलाड़ी नहीं...
- भारतीय किकबॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल ने बताया, "हमारे देश में किकबॉक्सिंंग के ज्यादा खिलाड़ी नहीं हैं। इसलिए इंटरनेशनल स्तर पर भी देश के खिलाड़ी नहीं पहुंच पाते।
जो कुछ अच्छे किकबॉक्सर हैं, उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वे खेल छोड़ देते हैं। हमने कुछ स्पाॅन्सर्स की मदद से तीन साल प्रोफेशनल किकबॉक्सिंग आयोजित की। लेकिन उससे फायदा नहीं मिला।
इसलिए किकबॉक्सरों के स्तर को सुधारने के लिए यह पहल की है। जसवीर के प्रदर्शन को देखते हुए हमने उसे चुना है। उसके वीडियो अमेरिका और यूरोप के फाइट क्लबों को भेजे गए हैं। जल्द ही उसे एग्रीमेंट मिल जाएगा।'
जसवीर खत्री बिना प्रोफेशनल कोचिंग के जीत चुके हैं मेडल
- जसवीर के पिता रमेश कुमार अत्री को ऐसे खेल पसंद नहीं थे, जिनमें लड़ाई हो। इसलिए जसवीर ने पढ़ाई के बहाने सोनीपत प्रताप स्पोर्ट्स स्कूल में एडमीशन लिया।
- यहां जिला स्तरीय ओपन किकबॉक्सिंग स्पर्धा में बिना कोचिंग के गोल्ड मेडल जीता। स्टेट किकबॉक्सिंग खेलने का मौका मिला। इसके लिए भी प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं ली। यहां सिल्वर मेडल हासिल किया।
-वाको इंडिया के कोषाध्यक्ष हर्ष दहिया ने जसवीर की प्रतिभा को देखते हुए उसे कोचिंग और अभ्यास की सुविधा दिलाई।
- जसवीर ने लगातार 6 नेशनल्स में गोल्ड मेडल जीते। इंडियन प्रोफेशनल किकबॉक्सिंग में तीन साल गोल्ड जीते। एशियन चैंपियनशिप 2015 में ब्रॉन्ज जीता।


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