Header Ads

हिंदुस्तान के अंतिम सम्राट के सामने जब परोसा गया बेटों का कटा हुआ सिर


 हिंदुस्तान के अंतिम सम्राट बहादुर शाह जफर को काबू में करने के लिए अंग्रेजों ने जुल्म की सभी हदें पार कर दी थीं। बात उस वक्त की है, जब सम्राट को अरेस्ट कर लिया गया तो भूखे बहादुर शाह जफर के सामने अंग्रेजों ने उनके बेटों का सिर थाली पर सजाकर परोस दिया। बहादुर शाह जफर हिंदुस्तान में अंतिम मुगल बादशाह थे।

आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर की मौत 1862 में बर्मा (अब म्यांमार) की रंगून जेल में हुई थी।


मौत के 132 साल बाद  म्यांमार की सरकारने उनकी दरगाह का निर्माण 1994 में करवाया था।


म्यांमार की यात्रा करने वाले बड़े नेता बहादुर शाह जफर की दरगाह पर जरूर जाते हैं। मोदी से पहले मन मोहन सिंह भी 2012 में वहां जा चुके हैं।



दुनिया की बाकी दरगाहों की तरह इस दरगाह में भी महिलाओं  और पुरषों के लिए अलग अलग प्रार्थना करने की जगह बनी हुई है।


ब्रिटिश शासन में दिल्ली की गद्दी  पर बैठे बहादुर शाह जफर एक  बेहतरीन कवि और गजल लेखक थे। उनकी कई नज़्मों पर बाद में फिल्मी गाने बने।


एक वक्त ऐसा भी आया कि बहादुर शाह जफर का राज सिर्फ दिल्ली यानी शाहजहांखाद तक ही बचा रह गया थI


1837 में पिता अकबर शाह द्वितीय की मौत के
बाद बहादुर शाह जफर को हिंदुस्तान का ताज मिला था।



1857 की क्रांति में बहादुर शाह जफर ने ही अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया।


आखिरकार 82 साल के बूढ़े शहशांह को हार का  सामना करना पड़ा और बाद की पूरी जिंदगी  कैद में गुजारनी पड़ी।


रंगून की जेल में कैद में ही 7 नवंबर, 1862 को सुबह बहादुर शाह जफर की मोत हो गई।



मौत के 132 साल बाद खुदाई के दौरान एक भूमिगत कब्र का पता चला ३ फुट की गहराई में बादशाह जफर की निशानी और अवशेष मिले।