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'पिता चाहते थे लड़की से करूं शादी, पर मुझे चाहिए था लड़का'- फिर हुआ ये


पिता ने जब अपने बेटे के लिए बंगाली लड़की ढूंढनी चाही, तो पता चला कि उसे लड़के से शादी करनी थी।

26 साल की नीताषा बिस्वास इंडिया की पहली मिस ट्रांसजेंडर क्वीन बन चुकी है। कोलकाता की रहने वाली नीताषा मार्च 2018 में थाईलैंड में होने वाले मिस इंटरनेशनल ट्रांसक्वीन में भारत को रिप्रजेंट करेंगी।

 नीताषा ने जिंदगी में आए हर रुकावट और परेशानियों का डटकर सामना किया। जल्द हुआ अहसास, आदमी के शरीर में बंद है औरत...

नीताषा जब बड़ी होने लगी, तो उन्हें महसूस हुआ कि असल में उनकी मेल बॉडी के अंदर एक महिला छिपी हुई है।

कोलकाता से दिल्ली शिफ्ट होते ही उन्होंने हार्मोन्स रिप्लेसमेंट थेरेपी लेना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि मर्द से औरत बनने में उन्हें तीन से चार साल लगे।

 इस दौरान उन्होंने अपने मनोचिकित्सक और कजिन भाई से लगातार समपर्क रखा। नीताषा के मुताबिक, आप शरीर से क्या है और आत्मा से क्या, इसका ज्ञान काफी मुश्किल है।

कब हुआ महिला होने का अहसास?

नीताषा के मुताबिक, उन्हें बचपन से ही पता था कि उनकी बॉडी भले ही आदमी की थी, उनकी आत्मा महिला वाली है। उनके सारे दोस्त जब बाहर खेलने जाते, तब वो घर पर टीवी देखती थी।

उन्होंने सबसे पहले अपने भाई को इस बारे में बताया, जिसके बाद उसे लगा कि ये सिर्फ कुछ समय का पागलपन है।

 लेकिन दसवीं तक पहुंचने तक, नीताषा जान चुकी थी कि वो असल में क्या हैं? इसके बाद वो दिल्ली पहुंची, जहां से उन्होंने अपनी ट्रांजीशन की शुरुआत की।

लोग करते थे पीठ पीछे बातें

नीताषा बताती हैं कि उनके फैसले के बाद उनके दोस्त उनका साथ छोड़ने लगे। कई लोगों ने उनसे बातें करना बंद कर दिया। उनके महिला बनने के बाद भी उनके पिता ने उन्हें समझाया कि तुम्हारे लिए एक बंगाली लड़की ढूंढकर शादी करवा देता हूं,

 लेकिन नीताषा का जवाब था कि उन्हें बंगाली लड़का चाहिए। हर तरह के विरोध एक बाद आज नीताषा भारत की पहली ट्रांस क्वीन बन बाकियों को प्रेरणा दे रही हैं।