खत्म नहीं होती इन बच्चों की भूख, एक बार में खा जाते हैं कई लोगों का खाना
दुनिया की सबसे वजनी महिला रही इमान अहमद अब्दुलाती का सोमवार तड़के अबु धाबी के एक हॉस्पिटल में निधन हो गया। उन्हें बेरियाट्रिक सर्जरी के लिए इसी साल फरवरी में मिस्र से मुंबई लाया गया था, जहां सैफी हॉस्पिटल में करीब दो महीने तक इलाज चला। इसके बाद फैमिली आगे इलाज के लिए उन्हें यूएई ले गई। उनका इलाज मुंबई के फेमस बेरियाट्रिक सर्जन डॉ मुज्ज्फल लकड़ावाला कर रहे थे। डॉ लकड़ावाला इमान की तरह ही देश के सबसे वजनी बच्चों के रूप में फेमस गुजरात के तीन बच्चों योगिता, अनिशा और हर्ष का इलाज भी कर रहे हैं।
- इमान अहमद के मुंबई से जाने के कुछ ही दिनों बाद सैफी हॉस्पिटल में मोटापे से परेशान गुजरात के तीन बच्चे योगिता, अनिशा और हर्ष को एडमिट करवाया गया था।
- 7 साल की योगिता का 45 किलो, पांच साल की अनिशा का 60 किलो और 3 साल के हर्ष का वजन 25 किलो है।
- बच्चों के चाचा के मुताबिक, "इमान के बारे में पढ़ने के बाद उन्होंने बच्चों के इलाज के लिए डॉ.लकड़ावाला से संपर्क किया।"
इन बच्चों के पिता रमेश भाई नंदवाने एक किसान हैं और कुछ दिनों पहले इन्होंने बच्चों के इलाज के लिए अपनी किडनी बेचने की बात कही थी।
- योगिता और अनीषा एक बार में 18 रोटी, डेढ़ किलो चावल, दो कटोरे सब्जी, बिस्कुट के पांच पैकेट, 12 केले और एक लीटर दूध डेली खाते हैं।
- जब उन्हें अधिक भूख लगती है, तो कई बार उनकी मां प्रागना बेन का पूरा-पूरा दिन खाना बनाने में ही बीत जाता है।
- उन्होंने बताया कि, "मेरे दिन की शुरुआत दिन में 30 रोटी और एक किलो सब्जी बनाने से होती है। बच्चों की भूख कभी खत्म ही नहीं होती है। वे हर समय खाना मांगते रहते हैं और खाना नहीं मिलने पर रोते हैं। मैं हमेशा किचन में खाना ही बनाती रहती हूं।"

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