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48 घंटे पहले संत बना था पति, 100 करोड़ की प्रॉपर्टी छोड़ पत्नी भी बनी साध्वी



पति सुमित राठौर के दीक्षा लेने के 48 घंटे बाद पत्नी अनामिका भी साध्वी बन गईं। उनका नामकरण अनाकारश्रीजी किया गया है। अनामिका राजस्थान के कपासन की रहने वाली हैं। सुमित और अनामिका के गृहस्थ जीवन से तीन साल की बेटी भी है। दोनों ने करीब 100 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी त्याग कर सन्यास का फैसला किया है। बता दें कि बेटी के सवाल सामने आने पर यह मामला मानवाधिकार आयोग तक भी पहुंचा था।

 नीमच के बिजनेसमैन नाहरसिंह राठौर के बेटे सुमित और बहू अनामिका की शनिवार सुबह साथ दीक्षा होनी थी।


- कुछ लोगों ने सुमित और अनामिका की बेटी इभ्या (तीन साल) का मामला उठाया। इनकी शिकायत थी कि पैरेंट्स के सन्यास के फैसले से बच्ची के अधिकारों का हनन हुआ है।

मानवाधिकार आयोग ने इस बारे में सूरत प्रशासन से जानकारी मांगी थी।

- सूरत एडमिनिस्ट्रेशन ने इसमें कानूनी दिक्कत बताई। इसके बाद संघ और आचार्य ने शनिवार को अनामिका की दीक्षा पर रोक लगा दी। हालांकि, अनामिका अपने फैसले से नहीं हिलीं। 48 घंटे बाद उन्होंने भी दीक्षा ले ली।


अनामिका की दीक्षा रुकने के तुरंत बाद फैमिली व संघ कानूनी जानकारी ले रहे थे।

- चाइल्ड राइट्स प्रोटेक्शन के वकील ललित चंद्र से राय ली गई। उन्होंने कहा कि दंपती ने अपनी बेटी का गोदनामा लिख दिया है। इसलिए अब अनामिका को दीक्षा लेने से नहीं रोका जा सकता।

- सुमित व अनामिका अपनी बेटी इभ्या के लिए पहले ही वसीयत लिख चुके हैं। कानूनी तौर पर बेफिक्र होने के बाद अमानिका के पिता अशोक चंडालिया व संघ पदाधिकारियों ने रविवार को आचार्य रामलाल मसा से चर्चा की। उन्होंने अनामिका की दीक्षा के लिए मंजूरी दे दी।


अनामिका पहले अपने पति सुमित के साथ ही दीक्षा लेने वाली थीं , लेकिन कानूनी दिक्कतों के चलते अनामिका की दीक्षा रोक दी गई।

- तीन साल की बेटी को छोड़कर इनके दीक्षा लेने को लेकर काफी विरोध हो रहा था। सोशल मीडिया पर लोग इनके दीक्षा लेने पर सवाल उठा रहे थे।

- अहमदाबाद के समाजसेवी चंद्रबदन ध्रुव ने सूरत कलेक्टर को दीक्षा रोकने का ज्ञापन दिया था। नीमच कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी रेलम बघेल और महिला सशक्तिकरण विभाग को भी ज्ञापन सौंपा गया था।

- सूरत कलेक्टर द्वारा कानूनी अड़चनों की बात करने पर अनामिका के दीक्षा को रोका गया था।


सुमित की पत्नी अनामिका चित्तौड़गढ़ की हैं। ससुर अशोक चंडालिया बीजेपी के नेता हैं। सुमित से उनकी शादी 4 साल पहले हुई।

- सुमित और अनामिका का कहना है कि उन्हें आत्मकल्याण का बोध हो गया। इसलिए यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि बेटी आठ महीने की हुई तभी से शीलव्रत यानी ब्रह्मचर्य का पालन किया। बच्ची के बारे में इनका कहना है- यह बच्ची ही तो पुण्यशाली है। तभी तो इसके गर्भ में आते ही हमारे भीतर आत्म कल्याण का बोध हो गया।


- सुमित राठौड़ लंदन से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में डिप्लोमा कर चुके हैं। दो साल लंदन में जॉब करने के बाद दादा नाहरसिंह राठौर के कहने पर नीमच आ गए। जहां उनकी करीब 10 करोड़ की फैक्ट्री में 100 लोग काम करते हैं। इंफोसिस में इंजीनियर बड़े भाई भी नौकरी छोड़कर इसी बिजनेस से जुड़ गए हैं। इनका एक्सपोर्ट कारोबार भी है।


- अनामिका आठवीं बोर्ड में जिले की पहली गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए राजस्थान बोर्ड की 10th क्लास में 18वीं और 12th में 28वीं रैंक हासिल की।

- इसके बाद मोदी इंजीनियरिंग कॉलेज लक्ष्मणगढ़ (सीकर) से बीई किया। हिंदुस्तान जिंक में भर्ती निकली। मेरिट में 23 हजार कैंडिडेट्स में अनामिका 17वें नंबर पर रहीं। करीब 10 लाख के सालाना पैकेज पर नौकरी शुरू की, लेकिन 2012 में सगाई के बाद जॉब छोड़ दी।