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ब्लू व्हेल गेम दिल्ली के बिजनेसमैन का इकलौता बेटा छत से कूदा, हालत नाजुक


यहां एक बिजनेसमैन के इकलौते लड़के ने घर की छत से कूदकर खुदकुशी करने की कोशिश की। माना जा रहा है कि इसकी वजह ब्लू व्हेल गेम हो सकता है। मामला नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के अशोक विहार का है। लड़के को गंभीर हालत में गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। मौके से मिले लड़के का मोबाइल जब्त कर लिया है। पुलिस उसके डाटा से गेम के बारे में जानकारी जुटाने में जुटी है। बता दें कि हाल ही में मुंबई में एक स्टूडेंट ने इस गेम को खेलते हुए बिल्डिंग से कूदकर सुसाइड कर ली थी। केरल में भी एक लड़के ने फांसी लगा ली थी। उसकी मां का कहना है कि उनके बेटे ने भी ब्लू व्हेल गेम की वजह से ही जान दी है। कमरे से निकल कर छत पर जा पहुंचा...

- पुलिस के मुताबिक राजेश अग्रवाल अपने परिवार के साथ अशोक विहार फेस-1 इलाके में रहते हैं। उनका बेटा कुश मोंटफोर्ड स्कूल में ग्यारहवीं क्लास में पढ़ता है। बुधवार की दोपहर कुश अपनी मां के साथ घर में था, इसी दौरान वह अपने कमरे से निकल कर छत पर जा पहुंचा और वहां घर के पिछले हिस्से की ओर कूद गया।

- पुलिस ने आगे बताया कि गिरने की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाली महिला ने कुश के परिवार वालों और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। वहां मौजूद चौकीदार ने परिवार वालों की मदद से कुश को नजदीकी हॉस्पिटल पहुंचाया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए फोर्टिस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।

छत से मिला मोबाइल
- पुलिस अफसरों के मुताबिक, जब उनकी टीम मौके पर पहुंची तो लड़के को हॉस्पिटल ले जाया जा चुका था, लेकिन घर की छत पर पहुंचने पर उसका मोबाइल, चश्मा और स्लीपर मिलीं।
- उनका कहना है कि हालत देखकर लग रहा था कि कुश खेल खेलते हुए ही छत पर गया था और वहां उसने चप्पल और चश्मा उतारा और फिर छत से कूद गया।

कुछ दिन से गुमसुम रहता था कुश
- पड़ोसियों के मुताबिक, कुश होनहार और खुशमिजाज लड़का है और वह रोज अपने दोस्तों के साथ कॉलोनी में खेलने आता था।

- उसके दोस्तों का कहना है कि कुश बीते कुछ दिनों से गुमसुम था, लेकिन उसने भी किसी से गेम के बारे में कोई बात नहीं की। वहीं, उसके घरवालों का कहना है कि वह अक्सर पढ़ाई के लिए अपने कमरे में रहता था, जिसके चलते वह कमरे में क्या कर रहा है इस पर कभी गौर नहीं किया गया।

बच्चों के ऑनलाइन गेम्स जांचें- के. संजय कुमार, IPS और साइबर क्राइम एक्सपर्ट
- बच्चे के शरीर पर किसी भी तरह के निशान देखने पर तुरंत पूछताछ करें।
- यह खेल लगभग १५, से 20 दिन चलता है, ऐसे में अगर वह अलग-थलग होता है तो तुरंत ध्यान दें

- रात को बच्चा अगर कमरे में अकेला है तो उसकी एक्टिविटी पर नजर रखें
- कोशिश करें नाबालिग बच्चे को स्मार्ट फोन न दिया जाए, बच्चा अगर बालिग है और उसके पास स्मार्टफोन है तो उसकी भी जांच करें

- बच्चा इंटरनेट पर रेग्युलर वक्त न गुजारे और उसके आॅनलाइन खेलों को भी जांचें।
इन हालात में सतर्क रहें

- बच्चा अगर सुबह 4 बजे से मोबाइल पर व्यस्त है।

- बच्चे की एक्टिविटी में अचानक बदलाव आए। जैसे- नफरत, हिंसा और डर दिखाई दें।
- शीट पेपर पर व्हेल का डिजाइन बनाकर किसी को मैसेज भेजे।

- बहार जाते वक्त पुल या ऊंची जगह पर खड़र हो जाए।
- तेज धार हथियार से अपने को नुकसान पहुंचाए।
देश में कितने मामले सामने आए

- बीते दिनों मुंबई में एक लड़के ने ब्लू व्हेल गेम पूरा करने की कोशिश में बिल्डिंग से कूदकर खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद केरल में भी एक लड़के के फांसी लगाने का मामला सामने आया। उसकी मां का कहना है कि उसने ब्लू व्हेल गेम की वजह से ही खुदकुशी की है। इंदौर में भी एक लड़के ने छत से कूदकर जाने देने की कोशिश की थी, लेकिन वक्त रहते उसके दोस्तों ने उसे पकड़ लिया था। सोलापुर में एक लड़का घर छोड़कर चला गया था, जिसे परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने तलाश लिया था।

- दुनियाभर में इस गेम की वजह से खुदकुशी करने के १५०, से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
क्या है 'ब्लू व्हेल चैलेंज'?

- 'द ब्लू व्हेल गेम' या 'द ब्लू व्हेल चैलेंज' रूस में बना एक इंटरनेट गेम है। इसमें प्लेयर को 50 दिन तक कुछ खास टास्क बताए जाते हैं। एक-एक कर सारे टास्क पूरे करते रहने पर आखिरी में सुसाइड के लिए उकसाया जाता है।

- हर टास्क पूरा होने पर प्लेयर को अपने हाथ पर एक कट लगाने के लिए कहा जाता है। आखिरी में जो इमेज उभरती है, वो व्हेल मछली की तरह होती है।
गेम मेकर हो चुका अरेस्ट

- रूस के फिलिप बुडेकिन ने 2013 में यह गेम बनाया। 'द ब्लू व्हेल चैलेंज' 130 लोगों की जान ले चुका है। 2015 में इसे खुलते हुए सुसाइड का पहला केस सामने आया था।

- इसके बाद फिलिप को अरेस्ट कर लिया और उस पर केस चलाया गया। सुनवाई के दौरान गेम मेकर ने बताया- ''गेम का मकसद समाज की सफाई करना है। फिलिप की नजर में सुसाइड करने वाले सभी लोग 'बायो वेस्ट' थे।