कंप्लेन करने थाने पहुंची महिला, गाली दे SHO बोले- तेरे बाप के नौकर हैं क्या
सोमवार सुबह 67 साल की बुजुर्ग महिला को एक युवक ने सम्मोहित कर सोने के कगन कुंडल ठग लिए। मामले की सूचना कंट्रोल रूम दे दी गई। मौके पर 50 मिनट बाद पुलिसकर्मी पहुंचा। जबकि घटनास्थल की दूरी थाने से केवल आधा किलोमीटर है। इससे गुस्साई बुजुर्ग महिला उसका बेटा थाने पहुंच गए। वहां एसएचओ से कहा कि घटनास्थल थोड़ी दूर होने के बाद भी पुलिस को वहां पहुंचने में 50 मिनट लग गए। इस पर तमतमाते हुए एसएचओ साहब बोले कि तेरे बाप के नौकर हैं क्या जो सूचना पाते ही मौके पर पहुंच जाएं। इसके बाद गाली देते हुए उन्हें धक्के मारकर थाने से बाहर निकाल दिया। पढ़ें क्या है पूरा मामला
- टाउन नंबर पांच के बी ब्लॉक में रहने वाले अजय ने बताया कि सावन के सोमवार की पूजा को उनकी मां आशा भोले शंकर की पूजा करने के लिए गन्ने का रस लेने मार्केट गई थीं।
- निरंकारी चौक के पास एक युवक उनकी मां को मिला। उसने उनसे रास्ता पूछा। इसी दौरान उसने उन्हें सम्मोहित कर हाथों से दो सोने के कंगन कान के कुंडल उतरवा लिए। इसके जाने के बाद उनकी मां को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत उनके जीजा हेमंत को फोन कर बुला लिया।
- उनके जीजा ने पुलिस कंट्रोल रूम एनआईटी थाने में फोन किया। कंट्रोल रूम में किसी ने फोन नहीं उठाया। थाने की पुलिस थोड़ी देर में मौके पर आने की बात कहती रही।
- इसके बाद उनके जीजा थाने पहुंच गए लेकिन उनके साथ कोई पुलिसकर्मी चलने के लिए तैयार नहीं हुआ। जबकि घटनास्थल की दूरी केवल आधा किलोमीटर थी।
- इस दौरान उनकी मां मौके पर ही खड़ी रहीं। करीब 50 मिनट बाद एक हेड कांस्टेबल वहां आया। घटना की सूचना मिलने पर वे (अजय) मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वह, उनके जीजा और मां थाने गए।
- वहां उनकी मां ने एसएचओ से कहा कि आधा किलोमीटर की दूरी पुलिस को तया करने में क्या 50 मिनट लगते हैं।
- अजय का आरोप है कि मां के इस सवाल पर एसएचओ ने अभद्रता करके थाने से बाहर निकाल दिया। अजय का कहना है उनकी मां के चार तोले के कंगन और दो तोले के कुंडल थे।
बुजुर्ग महिला से बदसलूकी के मामले में खफा उनके बेटे अजय ने कहा कि पुलिस अफसरों द्वारा आमजन के सहयोग का वादा ढकोसला है। अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती तो सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को पकड़ा जा सकता था।
सीपी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। उधर मामला गंभीर होता देख आनन फानन में थाने की पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
महिला द्वारा लगाए आरोप निराधार : एसएचओ
मैं बदसलूकी क्यों करूंगा। मेरे सामने बुजुर्ग महिला थी। वह पुलिस के देरी से मौके पर आने को लेकर खफा थी। मैंने उसे समझाया और कंप्लेंट ली। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। आरोप निराधार हैं। मैंने किसी को धमकी नहीं दी थाने से धक्का देकर निकाला। -मित्रपाल,एसएचओ, एनआईटी थाना।


Post a Comment