सेट पर बीती थी SRK की शादी की पहली रात, गौरी को कई मिसकैरेज भी हुए
शाहरुख के मुताबिक, उनकी और गौरी की शादी वाली रात उन्होंने फिल्म के सेट पर बिताई थी।
शाहरुख खान को फिल्म इंडस्ट्री में 25 साल हो चुके हैं और इतना ही वक्त उनकी और गौरी खान की शादी को भी हो गया है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान शाहरुख ने अपनी शादी और पत्नी गौरी के बारे में कई खास बातें शेयर की। शाहरुख के मुताबिक, उनकी और गौरी की शादी वाली रात उन्होंने फिल्म के सेट पर बिताई थी। शादी वाले दिन ही हुए थे मुंबई शिफ्ट...
- शाहरुख ने इंटरव्यू में कहा, "जिस दिन हमारी शादी थी, उसी दिन मैं मुंबई शिफ्ट हुआ था।"
- "हमने शादी वाली रात फिल्म के सेट पर बिताई। लेकिन इसपर भी गौरी ने कुछ नहीं कहा। मैं गौरी से ऐसी बातें करता था, जो मुझे खुद समझ नहीं आती थीं। लेकिन कभी उसने मेरा साथ नहीं छोड़ा।"
- शाहरुख की मानें तो शुरूआती दो-तीन साल उन्हें और गौरी को एक-दूसरे को समझने में लगे। शाहरुख यह भी कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे एक दिन इतने बड़े स्टार बनेंगे। क्योंकि उन्हें स्टारडम की परिभाषा ही पता नहीं थी।
आर्यन के जन्म के पहले गौरी को कुछ मिसकैरेज भी हुए
- शाहरुख ने इस इंटरव्यू में अपने बच्चों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, "मेरे तीन बच्चे हैं और सभी की अलग-अलग कहानी है। इस वजह से सभी स्पेशल हैं।"
- "आर्यन के जन्म के पहले गौरी को कुछ मिसकैरेज हुए। जब वह पैदा हुए, तब भी कुछ दिन बड़ी मुश्किल भरे थे।"
- "सुहाना का जन्म हमारे लिए एक्साइटिंग था, क्योंकि हम दोनों ही पहले बच्चे के रूप में लड़की चाहते थे। लेकिन वह दूसरे नंबर पर हुई।"
- "गौरी चाहती थी कि बच्चे मेरी तरह दिखें। इसलिए डिलीवरी के बाद वह मुझसे पूछती थी कि क्या वह तुम्हारी तरह दिखता/दिखती है।"
- सालों बाद हमें लगा कि तीसरा बच्चा भी होना चाहिए तो हमने अबराम की प्लानिंग की।"
घर में पार्टी थी और लाइट नहीं थी
- शाहरुख के मुताबिक, 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' और 'कुछ कुछ होता है' उनकी यादगार फ़िल्में हैं।
- इसका कारण बताते हुए शाहरुख ने कहा, "जिस दिन हमने 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' देखी, उस दिन गौरी का जन्मदिन था। हमने मन्नत में एक पार्टी होस्ट की।"
- "तब हम घर में पूरी तरह शिफ्ट नहीं हुए थे। इस वजह से वहां बिजली नहीं थी। इसलिए करन (जौहर) और आदि (आदित्य चोपड़ा) ने कैंडल जला लीं। वह वाकई बहुत ही प्यारा लम्हा था।"
- 1984 जब दिल्ली के पंचशील क्लब में चल रही एक पार्टी में 19 साल के शाहरुख की नजर 14 साल की गौरी पर पड़ी थी तो वे उन्हें बस देखते ही रह गए थे। - उस पार्टी में शाहरुख ने गौरी को किसी और लड़के के साथ डांस करते देखा और उन्हें उनसे प्यार हो गया। लेकिन उस रोज, शर्मीले शाहरुख गौरी से बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
- इसके बाद तो जिस पार्टी में भी गौरी के पहुंचने की उम्मीद होती, शाहरुख भी वहां पहुंच जाते। 25 अक्टूबर, 1984 को तीसरी मुलाकात में शाहरुख ने गौरी के घर का फोन नंबर हासिल कर ही लिया।
- शुरुआत में गौरी को इंप्रेस करने के लिए एसआरके गाना भी गाते थे। गोने के बोल थे, "गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा मैं तो गया मारा...."
शाहरुख को गौरी पसंद आ गई थीं। उनसे फोन पर बात करने का तरीका भी शाहरुख ने निकाला। वो अपनी किसी दोस्त से गौरी के घर फोन करवाते। गौरी के घर जो भी फोन उठाता, शाहरुख की दोस्त उसे अपना नाम शाहीन बताती।
- शाहीन कोडवर्ड था, जिसे सुनकर गौरी समझ जाती कि फोन शाहरुख का है। गौरी के घर किसी को शक भी नहीं होता था और फिर शाहरुख और गौरी देर तक बातें करते। गौरी और शाहरुख की मुलाकात पार्टियों में ही हो पाती थी जहां गौरी की फीमेल फ्रेंड्स भी उनके साथ होती थीं। धीरे धीरे ये दोनों लॉन्ग ड्राइव पर भी जाने लगे।
मुश्ताक़ शेख़ द्वारा लिखित बायोग्राफी 'शाहरुख केन' में एसआरके ने उन दिनों को याद करते हुए लिखा है, "एक दिन मैंने गौरी को उसके घर छोड़ा, जब वो गाड़ी से उतर रही थी तो मैंने उससे कहा मैं तुमसे शादी करूंगा? इसके बाद बिना उसका जवाब सुने मैं अपनी गाड़ी लेकर वहां से चला आया।"
- शाहरुख गौरी को लेकर इतने पजेसिव थे कि उनके बाल खुले रखने पर भी वे उनसे लड़ने लगते थे। एक मैगजीन में छपे अपने लेख में शाहरुख ने कहा था, "उस समय गौरी को लेकर मेरी दीवानगी बेहद बढ़ चुकी थी। अगर वो स्विमसूट पहनती या अपने बाल खुले रखती तो मैं उससे लड़ने लगता था। जब वो अपने बाल खोलती थी तो बेहद खूबसूरत लगती थी।"
- "मैं नहीं चाहता था कि दूसरे लड़के उसे देखें। मेरे अंदर असुरक्षा की भावना आ गई थी क्योंकि हम ज्यादा मिल नहीं पाते थे और अपने रिश्ते के बारे में ज्यादा बात भी नहीं कर पाते थे।"
- शाहरुख की इसी आदत से परेशान होकर गौरी उन्हें दिल्ली में छोड़कर बिना बताए मुंबई आ गई थी। शाहरुख गौरी को मनाने वहां तक जा पहुंचे। उन्हें पता नहीं था कि गौरी मुंबई में कहां रह रही हैं, तब भी उन्होंने कई दिनों तक वहां की गलियों की खाक छानी।
- बहुत ढूंढने के बाद एक दिन शाहरुख ने गौरी को मुंबई के अक्सा बीच पर ढूंढ़ निकाला। शाहरुख को देख गौरी रोने लगी थी।
शाहरुख और गौरी तो अपने प्यार को शादी में बदलने के लिए तैयार थे, मगर दोनों के धर्म अलग होने की वजह से इनके घरवालों को कड़ी आपत्ति थी। शाहरुख ने गौरी के परिवार वालों को मनाने के लिए खूब पापड़ बेले और आखिरकार कामयाब हो गए।
- गौरी के माता-पिता समझ चुके थे कि वे और शाहरुख अब किसी भी तरह उनकी बात नहीं मानेंगे इसलिए उन्होंने उनकी शादी के लिए हां कह दिया था।
- फिर 26 अगस्त 1991 को शाहरुख और गौरी ने कोर्ट में शादी कर ली। शाहरुख और गौरी का निकाह भी हुआ जिसमें गौरी का नाम आयशा रखा गया। इसके बाद 25 अक्टूबर 1991 को हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक दोनों की शादी हुई। शादी के संगीत में शाहरुख-गौरी ने जमकर डांस किया था।


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