एक फिल्म के लिए इस एक्टर को मिलते थे 4 लाख, मुमताज के बनी थी हिट जोड़ी
दारा सिंह ने पहलवानी के साथ ही बॉलीवुड फिल्मों में काम किया था।
हाल ही में एक्टर दारा सिंह की 5वीं पुण्यतिथि (12 जुलाई) थी। उन्होंने पहलवानी के साथ ही बॉलीवुड फिल्मों में काम किया। 50 के दशक में दारा सिंह ने फिल्मों में काम करना शुरू किया था, उस वक्त उन्हें एक फिल्म के लिए 4 लाख रुपए मिलते थे। उस दौर में इनकी एक्ट्रेस मुमताज के साथ हिट जोड़ी बनी थी। दोनों ने 16 फिल्मों में साथ काम किया था, जिसमें से 10 सुपरहिट रही थीं। पहलवानी में कइयों को धूल चटाई है दारा सिंह ने...
बता दें कि दारा सिंह ने पहलवानी के दौर में कइयों को रिंग में धूल चटाई थी। इन्होंने दुनिया के कई नामी पहलवानों को रिंग में मात दी। दारा सिंह ने अपनी लाइफ की सभी फाइट जीती थी। नवंबर 1962 में रांची के अब्दुल बारी पार्क में हुई फाइट को आज तक कोई नहीं भूला पाया। इस फाइट में दारा सिंह ने दुनिया के जाने-माने पहलवान किंग कॉन्ग को हराया था। ऑस्ट्रेलिया के किंग कॉन्ग ने दारा सिंह को कुश्ती लड़ने की चुनौती दी थी। मुकाबले में 200 केजी के किंग कॉन्ग के सामने दारा सिंह बच्चे लग रहे थे, बावजूद इसके वे किंग कॉन्ग पर भारी पड़े। उन्होंने किंग कॉन्ग को तीन बार पटखनी दी। एक बार तो उन्होंने छह फीट लंबे किंग कॉन्ग को उठाकर ट्विस्ट करते हुए एरिना से नीचे गिरा दिया था।
उनकी लंबाई 6 फुट 2 इंच, 130 किलो वजन और 54 इंच छाती थी। अपनी इसी फिजिक के बूते उन्होंने पहलवानी करने की सोची थी। 20 साल की उम्र में वे 1948 को अपना गांव छोड़कर सिंगापुर चले गए थे। यहां उन्होंने ड्रम बनाने वाली मिल में काम किया और रेसलर हरमान सिंह से कुश्ती की ट्रेनिंग ली। दारा सिंह ने 1948-49 के आसपास कुआलालंपुर में तरलोक सिंह को हराया था। इस जीत के साथ ही उन्हें चैम्पियन ऑफ मलेशिया का खिताब दिया गया था। 1954 में वे इंडियन चैम्पियन बने। वे कॉमनवेल्थ चैम्पियन बने थे।
उन्होंने अपने पूरे जीवन में 500 से ज्यादा प्रोफेशनल रेसलर्स के खिलाफ फाइट की थी और सभी फाइट वे जीते थे। उन्हें पहलवानी के लिए 'रुस्तम-ए-पंजाब' और 'रुस्तम-ए-हिंद' का खिताब दिया गया था। 1983 में उन्होंने पहलवानी से रिटायरमेंट लिया था। 1996 में उनका नाम रेसलिंग ऑब्जर्वर न्यूजलेटर हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।
पहलवानी के दौरान ही उन्होंने अपना एक्टिंग करियर 1952 में फिल्म 'संगदिल' से किया था। कुछ साल उन्होंने फिल्मों में छोटे-मोटे रोल किए। 1962 में बाबूभाई मिस्त्री की फिल्म 'किंग कॉन्ग' में उन्होंने बतौर लीड हीरो काम किया। उन्होंने 16 फिल्मों में एक्ट्रेस मुमताज के काम किया, जिसमें 10 फिल्में सुपरहिट रहीं। उस वक्त दारा सिंह को एक फिल्म के लिए 4 लाख रुपए मिलते थे। एक्टिंग के साथ-साथ उन्होंने 7 फिल्में भी लिखी थीं। 1978 में आई फिल्म 'भक्ति में शक्ति' का लेखन और निर्देशन उन्होंने ही किया था।
1980 के दौरान उन्होंने टीवी का रुख किया। उन्हें 'रामायण' सीरियल में निभाए हनुमान के रोल के लिए आज भी याद किया जाता है। हालांकि, इसके पहले भी उन्होंने कुछ फिल्मों में हनुमान का किरदार निभाया था। कम उम्र में ही दारा सिंह की शादी हो गई थी और वे एक बच्चे के पिता बन गए थे। पहलवानी में नाम कमाने के बाद उन्होंने अपनी पसंद से सुरजीत कौर से दूसरी शादी की थी। दारा सिंह के छह बच्चे हैं। तीन बेटे और तीन बेटियां। एक्टर विन्दू दारा सिंह इन्हीं के बेटे हैं। 2003 से 2009 तक दारा सिंह राज्य सभा के सदस्य भी रहे। फिल्म 'जब वी मेट' उनकी आखिरी फिल्म थी। इसमें शाहिद कपूर और करीना कपूर लीड रोल में थे।


Post a Comment