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50 महिलाओं के 'अदृश्य शक्ति' ने काटे बाल, अब सामने आई ये सच्चाई


महिलाओं के बाल काटने वाली घटनाओं की सच्चाई जानने पहुंची भास्कर टीम

पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले चुकी महिलाओं के बाल काटने वाली बुरी आत्मा की अफवाह अब राजधानी के आस-पास के कस्बों तक पहुंच चुकी है। आलम ये है कि पिछले 12 दिन में इन कस्बों में करीब 50 महिलाओं ने दावा किया है कि किसी अदृश्य शक्ति ने उनके बाल काट लिए। सभी का कहना था कि वे नहीं देख पाईं कि ये कैसे हुआ। ज्यादातर तो घटना के समय बेहोश हो गईं। इन घटनाओं की सच्चाई जानने के लिए भास्कर के रिपोर्टर्स की टीम ने इन कस्बों में जाकर सभी महिलाओं से मिलने की कोशिश की।लड़की ने गुस्से में एक सांस में कहा- अपने बाल कोई खुद काटता है क्या?

 शाहपुरा में भास्कर टीम ने 16 ऐसी महिलाओं से बात की जिनका दावा था कि किसी अदृश्य शक्ति ने उनके बाल काट लिए। खातोलाई के जोगियों के मोहल्ला निवासी सुमन योगी के साथ 12 जुलाई को घटना हुई थी। परिजन अब झाड़-फूंक से उपचार करवा रहे हैं। जब हमने घटना के बारे में पूछा तो सुमन ने रुक-रुक कर पूरी बात बताई जैसे याद करने में दिक्कत आ रही हो। हालांकि, जब हमने पूछा कि कहीं बाल खुद तो नहीं काट लिए...तो जवाब में लड़की ने गुस्से में एक सांस में कह गई कि अपने बाल कोई खुद काटता है क्या।

 भाबरू क्षेत्र की हंसा, बियावास निवासी रेखा और मंजू के बाल कट गए हैं, लेकिन कैसे कटे और किसने काटे ये स्पष्ट नहीं बता सकीं। इन सभी का कहना है कि घटना के समय वे बेहोश हो गईं थीं।
पीपलोद नारायण में 11 जुलाई रुकमा देवी ने दावा किया था कि मवेशियों को चारा पानी खिलाने के दौरान बाल कट गए थे। इस महिला से बातचीत करनी चाही, लेकिन परिजनों ने भास्कर टीम को महिला से बात नहीं करने दी।

कोटपूतली में गुरुवार को दो ऐसी महिलाअों को बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया था जिनका दावा था कि उनके बाल किसी ने काट लिए। बेरी की एक विवाहिता व कांसली की एक 17 वर्षीय बालिका के बाल कटने पर बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनो का कहना था कि इन दोनो केसेज में किसी अदृश्य शक्ति ने उनके बाल काट लिए। महिलाओं की जांच करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि यदि ये महिलाएं सच बोल रही होतीं तो घटना के बाद सदमे की वजह से ब्लड प्रेशर असामान्य रूप से बढ़ जाता। लेकिन दोनों ही शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं। जांच के बाद इन्हें छुटटी दे दी गई।

 चौमू के गाेविंदगढ़ में 9 जुलाई को बाल काटने की तीन घटनाएं सामने आई थीं। अब पुलिस ने इन तीनों में खुलासा किया है कि शिकायतें झूठी थीं। गोविंदगढ़ डीएसपी महावीर चोटिया ने बताया था कि तीनों ही मामलाें में मुराद पूरी होने के लिए बाल काटे गए हैं। बाद में अफवाह का सहारा लेते हुए झूठी कहानी बना दी गई।

सोशल मीडिया पर भेजी जा रही तांत्रिकों आदि की फोटो का सच जानने के लिए दैनिक भास्कर ने आईटी एक्सपर्ट से राय लेते हुए फोटो दिखाई तो उन्होने इन तस्वीरों को इंटरनेट से लिया गया बताया और कहा कि इन्हे फॉटोशॉप में एडिट किया गया है। कोटपूतली में एसडीएम सुरेश चौधरी ने अफवाहों की जांच के लिए कमेटी गठित की है। कमेटी में एसएचओ रवीन्द्र प्रताप सिंह, डिप्टी सीएमएचओ डॉ गुमानसिंह यादव व सीडीपीओ शांति छापरवाल को शामिल किया गया है।