57 साल बाद यहां एक साथ आए 10 हजार किन्नर, दिखा कुछ ऐसा नजारा
मध्य प्रदेश के जबलपुर में किन्नरों का अखिल भारतीय सम्मलेन आयोजित किया जा रहा है। 57 साल बाद हो रहे इस सम्मेलन में मंगलवार को भी विभिन्न प्रदेशों से किन्नरों के आने का सिलसिला जारी रहा। उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, पंजाब, बिहार सहित अन्य राज्यों से 10 हजार किन्नर आ चुके हैं।
- सम्मेलन के दूसरे दिन किन्नर समाज के गुरुओं की पंचायत बैठी, जिसमें आपसी मसलों पर चर्चा कर उन्हें सुलझाया गया।
- दीनदयाल चौक स्थित जलसा बारातघर में आयोजित इस किन्नर सम्मेलन के बारे में पूर्व पार्षद किन्नर गुरु हीराबाई ने बताया कि ऐसा सम्मेलन 1960 में हुआ था, उसके बाद अब यह गुरु अनारकली की स्मृति में किया जा रहा है।
- इसमें गुरु पद्मा हजारी, राधा नायक, रागिनी नायक, सपना नायक, माही सहित समूचा किन्नर समाज सहयोग कर रहा है।
- इसमें रोटी सम्मेलन के साथ नाच, गाना व अन्य परंपराओं का निर्वहन होगा। इनमें आपस में रिश्ते मां, पिता, भाई आदि की भी बातचीत चल रही है।
- आयोजन स्थल पर देर रात किन्नर नाच-गाकर खुशियां मनाते रहे।
- आयाेजन के दौरान शाम 6 बजे सम्मेलन स्थल पर नर्मदा आरती की गई। किन्नरों ने हीराबाई के नेतृत्व में आरती में हिस्सा लिया। इस अवसर पर नर्मदा महाआरती के संस्थापक डाॅ. सुधीर अग्रवाल, मनमोहन दुबे आदि उपस्थित थे।
किन्नर बच्चों के लिए स्कूल
- सम्मलेन में किन्नर बच्चों के लिए अलग स्कूल खोले जाने पर विचार किया गया।
- साथ ही कानून द्वारा थर्ड जेंडर की मान्यता दिए जाने के बाद किन्नरों को देश भर बैंक खातों फाइनेंस बीमा जैसी सुविधाये से बंचित रखे जाने को लेकर रणनीति तैयार की गई।
इन शहरों से आए किन्नर...
मप्र के अलावा सम्मलेन में महाराष्ट्र, वाराणसी, पुणे, गुजरात, आन्ध्रप्रदेश, दिल्ली सहित अन्य शहरों से आए काफी संख्या में किन्नरों ने नाच-गाकर खुशी मनाई। इस दौरान सज धजकर पहुंचे किन्नरों ने जमकर नोट उड़ाए।


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