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ये हैं वुमन क्रिकेट की 'युवराज', करोड़पति बन चुकीं दीप्ति की ऐसी है लाइफ


वुमन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार परफॉर्म करने के बाद दीप्ति शर्मा ने खुद को बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में साबित कर दिया है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 216 रन बनाने के अलावा 12 विकेट भी लिए। दीप्ति शर्मा यूपी के सहारनपुर की रहने वाली हैं, जिन्होंने केवल 17 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। उनके पिता भगवान शर्मा रेलवे के रिटायर्ड क्लर्क हैं, वहीं मां सुशीला एक प्राइमरी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। कहते हैं टीम की युवराज

दीप्ति शर्मा भारतीय क्रिकेट टीम की सबसे अच्छी ऑलराउंडर हैं। वे बेहतरीन बल्लेबाज होने के साथ-साथ शानदार बॉलर भी हैं।
- वे उसी नंबर पर बैटिंग करने आती हैं जिस नंबर पर पुरुष टीम में युवराज आते हैं, इसी वजह से उन्हें वुमन टीम का युवराज सिंह भी कहा जाता है।
- इसके अलावा वे युवराज की तरह ही एग्रेसिव बैटिंग भी करती हैं। दीप्ति लेफ्ट-राइट का बेहतरीन कॉम्बिनेशन हैं। वे बैटिंग तो बाएं हाथ से करती हैं लेकिन बॉलिंग के लिए दाएं हाथ का इस्तेमाल करती हैं।
वर्ल्ड कप के बाद हुईं मालामाल
- क्रिकेट वर्ल्ड कप के बाद दीप्ति शर्मा समेत पूरी टीम को खूब इनाम मिल रहे हैं। बीसीसीआई ने टीम की हर मेंबर को 50 लाख रुपए देने की घोषणा की है।
- इसके अलावा अलग-अलग राज्य सरकारों ने भी प्लेयर्स के लिए लाखों के इनाम की घोषणा की है। जिसके बाद दीप्ति शर्मा अब करोड़पति बन चुकी हैं।
- बता दें कि दीप्ति बेहद साधारण आर्थिक स्थिति वाले परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वे सात भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं।
एक थ्रो ने बदल दी जिंदगी
- दीप्ति शर्मा के क्रिकेटर बनने की कहानी भी बड़ी इंट्रेस्टिंग है। उनके बड़े भाई सुमित भी क्रिकेटर हैं, जो स्टेट लेवल तक खेल चुके हैं।
- जब वे 10 साल की थीं, तब एक दिन अपने भाई सुमित के साथ उन्हें खेलते देखने स्टेडियम गईं थीं। उसी दिन एक सीनियर महिला क्रिकेटर भी वहीं ट्रेनिंग देने के लिए आई हुई थीं। जिसके बाद दीप्ति भी वहीं बैठकर उन्हें प्रैक्टिस करते देखने लगीं।
- इसी दौरान एकबार बॉल दीप्ति के पास आ गई, जिसके बाद उन्होंने बॉल को उठाकर स्टम्प पर दे मारा, उनका थ्रो बिल्कुल सही लगा। सीनियर क्रिकेटर ने उनका थ्रो देखकर उनसे फिर से ऐसा ही करने के लिए कहा। उनका दूसरा थ्रो भी बिल्कुल सही लगा।
- इसके बाद उस महिला क्रिकेटर ने दीप्ति के भाई से कहा था कि इसे क्रिकेट की प्रैक्टिस कराओ, ये एक दिन जरूर भारत में खेलेगी।