इस जगह है समुद्र में तैरता शिवलिंग, यहीं विभीषण का हुआ था राज्याभिषेक
तमिलनाडु में रामेश्वरम् के पास एक टेंपल है जहां के समुद्र में तैरता हुआ समुद्र में तैरता हुआ शिवलिंग है। यहां पर भक्त पानी में घुसकर उस शिवलिंग तक पहुंचते हैं और उसकी पूजा करते हैं। किवदंती के अनुसार, इसी जगह पर भगवान श्रीराम ने रावण को युद्ध में हराने के बाद विभीषण का राज्याभिषेक किया था
रामेश्वरम् से 13 किलोमीटर की दूरी पर है कोथंदारामार टेंपल, जिसे भारत में विभीषण का एकमात्र मंदिर कहा जाता है।
-कहा जाता है कि रावण को युद्ध में हराने के बाद जब विभीषण के साथ इस जगह राम लौटे थे तो यहीं विभीषण का राज्याभिषेक किया गया था।
-टेंपल के अंदर इसी कथा को कहते हुए कई पेंटिंग भी दीवारों पर बनी है।
शिवलिंग समुद्र में डूबता नहीं है
-इसी टेंपल के पास बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी का समुद्र है।
-इसी समुद्र में एक पत्थर का शिवलिंग बना है जिसे लोग पूजते हैं।
-इस शिवलिंग की खास बात है कि ये उस पत्थर से बना है जो समुद्र में डूबता नहीं है। इन्हीं पत्थरों से रामसेतु का निर्माण हुआ था।
-इस शिवलिंग तक पहुंचने के लिए भक्तों को पानी में उतरकर समुद्र के अंदर जाना होता है।
दूरबीन से राम सेतु को देखा जा सकता
-इस टेंपल में एक दूरबीन भी रखी है जिससे राम सेतु को देखा जा सकता है।
-दूरबीन से सेतु दिखाने के लिए 10 रुपए लिए जाते हैं।
-यहां से समुद्र में तैरते पत्थरों से बने पुल को देखा जा सकता है जो कभी 48 किमी लंबा था और लंका तक जाता था।


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