चीन को टक्कर देने के लिए आर्मी नहीं, ये है भारत का सबसे बड़ा हथियार
विवाद बढ़ा तो चीनी सामानों के बायकॉट की आवाज बुलंद होगी और चीन को भारी नुकसान उठाना पड़ जाएगा।
भारत और चीन में छिड़े सिक्किम विवाद के बीच चीनी सामानों पर बैन की आवाज एक बार फिर बुलंद हो गई है। भारत ट्रेड के लिहाज से चीन के लिए बड़ा बाजार है। चीन से भारत में करीब 58.33 बिलियन डॉलर का सामान आता है, जो सबसे ज्यादा है। यही इस वक्त भारत का सबसे बड़ा हथियार बना हुआ था। विवाद बढ़ा तो चीनी सामानों के बायकॉट की आवाज बुलंद होगी और चीन को भारी नुकसान उठाना पड़ जाएगा। ऐसे में चीन अपना इतना बाजार कभी भी नहीं गंवाना चाहेगा। भारत के आधे बाजार पर कब्जा...
चीन भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। इसने भारत के आधे बाजार पर कब्जा कर रखा है। जीएसी के डाटा के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 2016 में 70.8 बिलियन डॉलर का ट्रेड हुआ। इसमें से चीन ने अकेले 58.33 बिलियन डॉलर का सामान भारत भेजा, जबकि भारत से सिर्फ 12.47 बिलियन डॉलर का सामान ही चीन को भेजा गया।
यहां सबकुछ चाइना मेड
भारत में बच्चों के खिलौनों से लेकर शिप, बोट, मशीन और मेडिसिन तक चीन से आ रहा है। दीवाली के पटाखे, लाइट्स और दियों से लेकर होली की पिचकारियां तक चीन से इम्पोर्ट हो रही हैं। इनकी कीमत इतनी कम है कि होमग्रोन सामान भी इनसे महंगे साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि इनका बाजार देश में तेजी से बढ़ रहा है।
भारत में भेज रहा ये सामान
- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
- मशीन, इंजन, पंप
- ऑर्गेनिक केमिकल, फर्टिलाइजर
- आयरन और स्टील
- प्लास्टिक से बनने वाले सामान
- कीमता मेटल और सिक्के
- शिप, बोट
- दवाएं और मेडिकल इक्विपमेंट्स
चीन में किसी को घुसने तक नहीं दिया
चीन भारत ही नहीं पूरी दुनिया में अपना कारोबार फैला रहा है, लेकिन उसने अपने देश में होमग्रोन चीजों को ही बढ़ावा दिया। फेसबुक से लेकर अमेजन तक को किसी को देश में एंट्री नहीं दी और हर चीज का तोड़ निकाल डाला। दुनियाभर में जहां ब्राउजर के तौर पर क्रोम का इस्तेमाल हो रहा है, वहीं चीन ने अपना ही यूसी ब्राउजर खड़ा कर दिया। चीन ही नहीं भारत में भी यूसी ने अपना कारोबार जमा लिया है।


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