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अब तक 10 किलो वजन कम कर चुके 'बाहुबली', शादी के सवाल पर भी बोले


 प्रभास अब सिर्फ साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के ही नहीं, बल्कि हिन्दी और विदेशी दर्शकों के भी सुपरस्टार बन चुके हैं। देश-विदेश में कारोबार और कामयाबी के सभी रिकॉर्ड तोड़ने वाली फिल्म बाहुबली 2 की बड़ी सफलता के बावजूद प्रभास ने लाइमलाइट और मीडिया से दूरी रखी। हाल ही में यूके में छुट्टियां मनाकर लौटे प्रभास ने बाहुबली की सफलता और अगले प्रोजेक्ट्स पर भास्कर से खास बात की। प्रभास के लिए यह कामयाबी अब भी किसी सपने की तरह है।

राजामौली के साथ अगली फिल्म की कोई प्लानिंग?
यह तो राजामौली पर ही निर्भर है कि वह कोई बहुत ही अलग कहानी लेकर आएंगे, तब हम जरूर साथ में काम करेंगे। फिलहाल हम दोनों के ही कई कमिटमेंट हैं हमें वह भी पूरे करने हैं। जब तक किसी स्क्रिप्ट को लेकर हम दोनों ही उत्साहित ना हो तब तक अगली फिल्म नहीं कर पाएंगे।

अब आप कितना वजन घटा चुके हैं?
मैं 10 किलो से ज्यादा वजन घटा चुका हूं। अभी 2 किलो और घटाना हैं। मुझे अगली फिल्म 'साहो' के लिए करीब 87-88 किलो वजन चाहिए। "साहो' की शूटिंग हम शुरू कर चुके हैं, लेकिन वजन पर मैं अब भी काम कर रहा हूं।'

बॉलीवुड के कई निर्माता आपको फिल्म ऑफर कर रहे हैं। कोई प्लान आपका ?
साहो भी एक तरह से बॉलीवुड फिल्म ही है। फिल्म के सभी टेक्नीशियन, लेखक हिंदी सिनेमा के ही हैं। हां आप अगर बैनर की बात कह रही हैं तो शायद मैं जल्द ही हिंदी के किसी बड़े बैनर की फिल्म कर सकता हूं। जिसे आप बॉलीवुड फिल्म कह सकेंगे। हिंदी के कुछ प्रोजेक्ट मुझे ऑफर हुए हैं लेकिन मैं अभी दो फिल्मों से जुड़ा हुआ हूं इसलिए बाकी लोगों को फिलहाल हां नहीं की है। साहो के निर्देशक तो पिछले तीन साल से मेरा इंतजार कर रहे हैं।

आपकी ज्यादातर फिल्में एक्शन ही हैं ?
हां, ज्यादातर फिल्में एक्शन हैं लेकिन मैंने कुछ प्रेम कहानियां भी की है। जिन्हे दर्शकों ने काफी पसंद भी किया। साहो के बाद मैं एक लव स्टोरी कर रहा हूं। वह 1960 की यूरोप में बेस्ड खूबसूरत प्रेम कहानी है।

क्या बाहुबली की मेकिंग और बिहाइंड द सीन भी रिलीज करने की कोई योजना है?
कई दृश्य अब भी बाकी हैं और मेकिंग का कुछ कंटेंट भी। रिलीज़ की जानकारी नहीं लेकिन मैं आपकी यह बात राजामौली से जरूर शेयर करूंगा।

बाहुबली के बाद जिंदगी में क्या बदलाव आए ?
मुझे कुछ खास अंदाजा नहीं था। मैं तो रिलीज़ के दो दिन बाद ही यूएस चला गया था। बाहुबली-1 के साथ कुछ मैजिक जुड़ा था, हमने उस समय भी बहुत ज्यादा अपेक्षाएं नहीं की थीं। बाहुबली-2 तो उससे भी कहीं आगे निकल गई। मैं तो सिर्फ राजामौली का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने हमारे लिए इतनी बड़ी फिल्म बनाई। पूरे चार साल मजबूती से खड़े रहे। बाहुबली जिंदगी में एक बार बनने वाली फिल्म है।

सिनेमा भी अब प्री और पोस्ट बाहुबली इरा में बंट गया?
यह सिर्फ राजामौली का विजन था। हम लोग तो अब तक समझ नहीं पा रहे हैं, सिर्फ खुशी जाहिर कर रहे हैं।

फिल्म अब भी सिनेमाघरों में चल रही है। क्या कहेंगे ?
हां, मुझे इस तरह की जानकारी इन दिनों मिल रही है। मैं दर्शकों का बहुत शुक्रगुजार हूं। सिनेमा का बदलाव है या नहीं यह तो मैं नहीं जानता, लेकिन मुझे लगता है दर्शकों ने लंबे समय से पीरियड फिल्म नहीं देखी थी। स्ट्रॉन्ग कंटेंट की युद्ध की फिल्म, जिसमें राजामौली ने अद्भुत ड्रामा क्रिएट किया। मां अपने बेटे की हत्या कर देती है, कटप्पा, देवसेना इन सभी की कहानी और भव्य विजुअल मिलकर बाहुबली को स्पेशल बनाते हैं।
दो दशक पहले की फिल्में लंबे समय तक सिनेमाघरों में रहती थीं। क्या आपको भी ऐसी कुछ फिल्में याद हैं?
मुगल-ए-आजम, शोले, दीवार, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे जैसी कुछ फिल्में कई हफ्तों तक सिनेमाघरों में रहीं। मेरी मां ने शोले जब देखी, तब वे प्रेग्नेंट थीं। शोले का इन्फ्लुएंस आज भी दक्षिण में है। शोले के एक्शन को लेकर आज भी साउथ में हम बातें करते हैं। मुझ पर फिल्मों का बहुत प्रभाव भी रहा है, इसलिए मैं इन सभी आइकोनिक फिल्मों की जानकारी रखता हूं।

एक्टर धर्मेंद्र 'हीमैन' हीरो कहे जाते थे, बाहुबली के इस हीमैन हीरो की वापसी हुई और आपका तो शोले से जुड़ाव भी है?
धर्मेंद्र जी तो लीजेंड हैं, लेकिन मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात है कि मुझे उस रूप में देखा जा रहा है। राजामौली ने बाहुबली के पहले मुझे चार स्क्रिप्ट सुनाई थीं, लेकिन किसी ना किसी कारण से हमने वह फिल्में नहीं की। राजामौली हमेशा से ही सुपरहीरो किस्म की फिल्म बनाना चाहते थे। बिलकुल अमर चित्र कथा की तरह। हमारे भारतीय पारंपरिक तौर की फिल्म बनाना चाहते थे। सबसे अच्छी बात यह रही कि उनकी सोच और सपने को पूरे देश के दर्शकों ने पसंद किया।

फिल्म के हिट होने के बाद भी आप फैंस और मीडिया से दूर रहे, पार्टी-सेलिब्रेशन भी नहीं किया। क्यों ?
मैं एक महीने के लिए यूएस चला गया था। मैं कुछ वक्त के लिए रिलेक्स होना चाहता था। पिछले 4 साल से मैं एक ही फिल्म कर रहा था, इसलिए मुझे छुट्टियों की भी बहुत जरूरत थी। शुरू में मुझे यह नहीं पता था कि दर्शकों का क्या रुझान होगा। मैं तो हर फिल्म की रिलीज के बाद छुट्टियों पर चला जाता हूं। फिल्म की रिलीज से तीन-चार दिन पहले और बाद में मैं बहुत तनाव में रहता हूं। बाहुबली तो एक बार बनने वाली फिल्म रही, इसलिए ब्रेक भी बड़ा लिया।

आपके परिवार का क्या रिएक्शन रहा ?
शुरू के दो दिन तो सभी पर प्रेशर रहा। दो दिन के बाद जब लोगों की पसंद सामने आने लगी तो मेरी मां और बहन दोनों ही बहुत भावुक हो गई थीं। उनके आंसू ही नहीं रुके थे। करीब आधे घंटे तक हम लोग इसी बारे में बात करते रहे और वे आंसुओं के साथ अपनी भावनाएं और खुशी व्यक्त करते रहे। मुझे भी इस सफलता को सच मानने में बहुत वक्त लगा। मैं तो कई दिनों तक यही सोचता रहा कि क्या यह सिर्फ एक सपना है। कई कलाकार यह बात अपनी फिल्मों के लिए कहते हैं कि उन्हें सब कुछ सपने के जैसा लगा। मुझे इस तरह की अनुभूति पहले कभी नहीं हुई थी। पहली फिल्म मुझे मैजिक लगती थी और दूसरी फिल्म तो सपने से भी बढ़कर हो गई। मुझे काफी समय लगा इस बात को मान लेने में कि यह सब वाकई में हो रहा है।

 रिलीज़ के बाद आप राजामौली के संपर्क में थे? कारोबारी आंकड़ों पर बात हुई?
फिल्म छत्रपति को रिलीज़ हुए 11 साल हो गए। तब से ही मैं और राजामौली परिवार की तरह हैं। बाहुबली-1 के समय हमने दक्षिण की सभी भाषाओं और हिंदी में फिल्म रिलीज़ की। तब हमने हिंदी मार्केट से करीब 60 करोड़ रुपए की अपेक्षा रखी थी। लेकिन फिल्म ने उससे भी बड़ा कारोबार किया। कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? सवाल पॉपुलर हुआ, फिल्म पसंद की गई तो हमने इस बार हिंदी से करीब 250 करोड़ या अधिकतम 270 करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान लगाया था। अब जो आंकड़े आए हैं, वह तो हमारी कल्पना से परे हैं, हम अब भी कुछ समझ नहीं पा रहे। राजामौली ने तो फिल्म पर साढ़े छह साल से ज्यादा काम किया, सबकी मेहनत कामयाब हुई।
 यूनिट से मुलाकात हो पाई?
हमने फिल्म की रिलीज़ के एक दिन बाद पूरी यूनिट के साथ छोटी सी पार्टी की थी। पिछले दिनों भी यूनिट से मिले। मैं यूएस से लौटा तब राजमौली रशिया चले गए थे। हम लगातार फोन पर संपर्क में हैं।