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दुल्हन की फोटो में छिपा है दर्द, शादी से 1 दिन पहले हुई ऐसी ट्रेजडी



यहां पड़ोसियों और अन्य लोगों की मदद से एक दिन पहले सुसाइड करने वाले किसान की बेटी की सोमवार को शादी की गई। शादी में किसी ने फ्री में गेस्ट हाउस दिया तो किसी ने खाने की और दूसरी जिम्मेदारियां लीं। मातम के बीच इस तरह हुई शादी में खुशियों के बजाए रस्म अदायगी वाला माहौल रहा। हालांकि, किसान की बेटी की शादी के लिए आगे आए समाज के लोगों की सराहना की जा रही है। जिंदा रहते किसान की मदद के लिए लोग आगे नहीं आए, लेकिन शादी के ठीक पहले सुसाइड ने सभी को झकझोर कर रख दिया। तीन मंज‍िला छत से कूदकर क‍िया सुसाइड

- मामला यूपी के बांदा के बबेरू कस्बे के गांधीनगर इलाके का है। यहां 2 जुलाई की सुबह किसान निखिल रस्तोगी (52) ने तीन मंजिला छत से कूदकर सुसाइड कर लिया था। दरअसल, किसान के पास 10 बीघा जमीन थी और कई साल से पड़ रहे सूखे के कारण उस पर साहूकारों का कई लाख रुपए का कर्ज हो गया था।
- इस बीच बेटी सोनम की शादी तय हो गई। इसके बावजूद साहूकार कर्ज देने का दबाव बना रहे थे। तीन जुलाई को शादी थी। बबेरू के ही रहने वाले मदन रस्तोगी को बरात लेकर आना था।
- कर्ज दें या बेटी के हाथ पीले करें, इस बात से किसान टेंशन में था। शादी के लिए भी रुपयों का ठीक से इंतजाम नहीं हो पाया। इसी के चलते किसान ने छत से कूदकर सुसाइड कर लिया।
- किसान की पत्नी मंजू ने बताया कि ये हमारे ऊपर पहाड़ टूटने जैसा था। शादी की उम्मीद छोड़ दी थी। बेटी सोनम का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, लेकिन मोहल्ले के लोग मदद को आगे आए।
- 3 जुलाई को पहले से फिक्स प्रोग्राम पूरे हुए। मोहल्ले में रहने वाले नीलेश रस्तोगी ने अपना गेस्ट हाउस बिना रुपए लिए दे दिया। मोहल्ले के ही अन्य लोगों ने चंदा इकट्ठा कर खाने-पीने का इंतजाम किया।

शादी की डेट आगे बढ़ाने को तैयार था दूल्हा
- दूल्हे मदन ने कहा, ''हम सब तैयारियों में लगे थे। एक दिन पहले हुई घटना ने झकझोर दिया। शादी मुमकिन नहीं लग रही थी। हम तारीख बढ़ाने को तैयार थे, लेकिन लोगों ने बढ़-चढ़कर मदद की।''
- ''मंगलवार को दुल्हन की विदाई हुई। अपना घर छोड़ने और पिता के बिछड़ने के गम से सोनम का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। किसी तरह मुश्किल से उसे संभाला गया। इस दौरान सभी की आंखें नम हो गईं।''