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पिता ने बेटे के शरीर पर लगाई क्रीम, तो उसकी यह खौफनाक हालत हो गई


ठंडे इलाकों में संस्क्रीन के इस्तेमाल की खासतौर पर जरूरत पड़ती है, क्योंकि वहां सूरज कम ही नजर आता है और लोग धूप के आदी नहीं होते।वहां लोगों की स्किन का गोरा रंग भी उन्हें धूप के प्रति ज्यादा सेंसेटिव बनाता है। इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले पूरे शरीर पर संस्क्रीन लगाना बहुत जरूरी हो जाता है, वरना सनबर्न होने का खतरा होता है। ब्रिटेन स्थित फ्लिंटशायर के शॉटॉन कस्बे में रहने वाले एक पिता ने अपने बच्चे के शरीर पर यही सोचकर संस्क्रीन लगाई। लेकिन जब दूसरे दिन बच्चा सोकर उठा, तो उसे देखकर पैरेंट्स के होश उड़ गए।

-डैरेन रॉबर्ट्स का तीन साल का बेटा लियाम रॉबर्ट्स प्रीस्कूल में पढ़ता है। बीते वीकएंड को वह छुट्टी में घर के बाहर खेल रहा था।
-उसके पिता भी उसके साथ थे। उन्होंने घर से निकलने से पहले उसके शरीर पर संस्क्रीन लगाई। यह यूरोपियन अमेरिकन डिजाइंस संस्क्रीन लोशन था, जिसे उन्होंने ब्रांड के स्थानीय स्टोर से खरीदा था।
-डैरेन अपने बेटे के शरीर पर हर 10-15 मिनट में संस्क्रीन लगाते रहे। खेलने के बाद लियाम घर वापस आ गया।
-अगली सुबह वह सोकर उठा, तो बहुत बेचैन था। वह अपने मम्मी-पापा को अपने शरीर पर हाथ लगाने भी नहीं दे रहा था। फिर जब किसी तरह उसकी शर्ट उतारी गई, तो उसकी स्किन की हालत देखकर डैरेन और उनकी वाइफ के होश ही उड़ गए।
-लियाम के पूरे शरीर पर छाले और फफोले पड़े हुए थे। वह दर्द से तड़प रहा था। उसकी कोहनी पर घाव जैसा बन गया था।
-डैरेन तुरंत उसे हॉलीवेल कम्युनिटी हॉस्पिटल ले गए। वे कहते हैं कि अपने बच्चे की हालत देखकर हम दहल गए थे। हम उसके लिए कुछ नहीं कर पा रहे थे।
-डैरेन को हैरानी है कि ब्रांडेड संस्क्रीन लगाए जाने के बावजूद लियाम को सनबर्न कैसे हो गया। इसके अलावा, वे कहते हैं कि उस दिन धूप भी बहुत तेज नहीं थी।
-डैरेन ने इस बारे में ब्रांड के हेड ऑफिस में फोन करके बात की। ऑफिस का कहना था कि हमने इस संस्क्रीन का इस्तेमाल किया है और इसका कोई भी दुष्प्रभाव नहीं रहा। बहरहाल, स्थानीय स्टोर के मैनेजर ने जांच कराने की बात की है।