12 की उम्र में देखा 21 में शादी, नराज हुई तो फेंकी अंगूठी; एक रानी की Love Story
29 जुलाई 2009 के दिन दुनिया की सबसे खूबसूरत महारानियों में से एक गायत्री देवी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। वे हमेशा अपने सादे अंदाज और बेबाक छवि के लिए जानी गई। कुछ खास बातें।
गायत्री देवी का जन्म 23 मई 1919 को लंदन में हुआ था। कूच बिहार की इस राजकुमारी को वोग मैगजीन ने उन्हें दुनिया की 10 सबसे सुंदर महिलाओं में से एक माना था। वे महाराजा मानसिंह की तीसरी पत्नी थीं।
- 21 अगस्त 1912 को जन्मे महाराजा मानसिंह की पहली शादी 1924 में 12 साल की उम्र में जोधपुर के महाराजा सुमेर सिंह की बहन मरुधर कंवर से हुई थी।
- मानसिंह की दूसरी शादी उनकी पहली पत्नी की भतीजी किशोर कंवर से 1932 में हुई। इसके बाद 1940 में उन्होंने गायत्री देवी से शादी की।
- जब गायत्री देवी की शादी हुई थी तो वो 21 साल की थीं। गायत्री देवी से उनकी पहली मुलाकात पोलो ग्राउंड में हुई थी।
- गायत्री देवी का ड्रेसिंग सेंस खास था। उन्होंने बेल बॉटम और फ्रेंच शिफॉन की साड़ी को अलग अंदाज में पहनने का फैशन ट्रेन्ड में लाया। इसे उस वक्त हाई सोसाइटी में काफी फॉलो किया गया था।
- 90 साल की उम्र में महारानी गायत्री की मृत्यु 29 जुलाई, 2009 को हुई। उन्हें जयपुर की राजमाता के नाम से भी जाना जाता है।
गायत्री देवी किताब में बताती हैं कि "बात 1931 की है। जय कोलकाता में पोलो सीजन शुरू होने पर हमारे साथ रहने आए थे। हरी रॉल्स रॉयस पर सवार। तब शायद 21 साल के रहे होंगे वो और मैं 12 साल की। बचपन में उन्हें मैं महाराजा ऑफ जयपुर और योर हाईनेस कहकर मुखातिब करती थी।"
"वो तब इंग्लैंड की वुलिच मिलिटरी एकेडमी से ट्रेनिंग लेकर लौटे थे। वहां से लौटकर उन्होंने जयपुर पोलो टीम बनाई। उस वक्त मैं एक ही सपना देखती थी। परी-कथाओं से ठीक उलट। मैं चाहती थी कि कोई जादू हो, मैं राजकुमारी से उनके घोड़े की सईस बन जाऊं। उन्हें उनकी छड़ी पकड़ाऊं और इसी बहाने उनके हाथ को छू भर लूं।"
कांस में जय और मेरे बीच पहली बार बहस हुई। तब जय समुद्र में तैरने जा रहे थे और उन्होंने मेरी दी हुई अंगूठी मेरी जगह मेरी बहन मेनका को संभालने को दी। मुझसे सहा नहीं गया और मैंने उस अंगूठी को समुद्र में फेंक दिया। जय ने मुझे बहुत प्यार से समझाया कि वो मेरी भावनाओं को चोट नहीं पहुंचाना चाहते थे। मैं अभी संभली ही थी कि अचानक उन्होंने मुझे धक्का दिया और मैं समुद्र के पानी में गिर गई। गुस्से में मैंने भी उनके जूते पानी में फेंक दिए।
(पूर्व महारानी स्व. गायत्री देवी की बायोग्राफी ‘अ प्रिंसेज रिमेम्बर्स’ से लिए गए फैक्ट्स का हिन्दी ट्रांसलेशन, जिसमें गायत्री देवी ने उनसे पहली मुलाकात से लेकर अपनी रिलेशनशिप के बारे में लिखा है।)

Post a Comment