शो पर विवाद, 10 साल के बच्चे की पत्नी बनने पर ये बोली एक्ट्रेस
सोनी चैनल पर जल्द ही 'पहरेदार पिया की' शुरू होने वाला है। पर शो के टेलिकास्ट होने से पहले ही इस पर ऑब्जेक्शन उठाया जा रहा है, क्योंकि इसमें 18 साल की लड़की और 10 साल के लड़के की शादी दिखाई गई है। दीया के किरदार में तेजस्विनी प्रकाश नजर आएंगी, जो 'स्वरागिनी' में भी दिख चुकी हैं। तेजस्विनी से जानना चाहा कि इस शो में उनका क्या किरदार है? इसके लिए वो क्या खास तैयारी कर रही है? ऐसे ही कई और सवाल भी किए गए।
1. तेजस्विनी 'पहरेदार पिया की' में आप एक छोटे बच्चे की पत्नी के किरदार में हैं। अपने इस किरदार के बारे में क्या कहेंगी?
मैं इस सीरियल में दीया का किरदार निभा रही हूं, जो रतन सिंह की बेस्ट फ्रेंड होती है। किन्हीं कारणों के चलते उसे रतन से शादी करनी पड़ती है। जबकि दोनों को ही शादी का मतलब नहीं पता है। उन दोनों के बीच पति-पत्नी का नहीं, बल्कि बेस्ट फ्रेंड का रिलेशन है। रतन बहुत बड़ी जायदाद का मालिक है, इसलिए उसे घर में ही छिपे दुश्मनों से खतरा है। ऐसे में दीया रतन की मूक संरक्षक के रूप में उसका साथ देती है, जो समाज की घिसी-पिटी सोच को छोड़कर सशक्त रूप में सामने आती है। दूसरे शब्दों में कहूं तो मैं अपने पिया की पहरेदार हूं यानी मैं मर्द से ज्यादा पावरफुल हूं।
2. कहा जा रहा है इसमें आपने वुमन पावर को दर्शाया है और औरतों के लिए अंधविश्वासी और पुराने रीति-रिवाजों का विरोध किया है?
हां, अगर हम राजस्थान या किसी और जाति के छोटे शहरों में जाएं तो वहां पर औरतों के लिए बहुत सारे रिवाज हैं, जैसे एक छोटा-सा रिवाज सिर पर घूंघट लेना। इस बारे में मैंने इसका विरोध करते हुए कहा है कि अगर मैं रतन के माता-पिता के सामने घूंघट लूंगी तो रतन को भी मेरे माता-पिता के सामने घूंघट लेना होगा। इस सीरियल के जरिए मैंने रीति-रिवाज के नाम पर औरतों पर होने वाले अत्याचार का विरोध किया है, जो अब बहुत जरूरी है।
3. प्रोमोज में देखा गया है कि एक दस साल का बच्चा आपको सिंदूर लगा रहा है?
वो भी बचपन का स्टाइल है। दरअसल, मैं उसे टीका लगाती हूं राजा साहब होने की वजह से तो वह भी बदले में मुझसे टीका लगाता है सिंदूर के स्टाइल में। उस वक्त उसको भी नहीं पता कि वो क्या कर रहा है। सीरियल मे मैं 18 साल की हूं और रतन 10 साल का है तो दोनो को ही नहीं पता कि शादी का मतलब क्या होता है। इसमे रोमांस का एंगल नहीं है, बल्कि इसमें सच्ची दोस्ती का पुट है। अगर मैं सही शब्दों में कहूं तो इस सीरियल के जरिए औरतों के लिए एक अच्छा मैसेज देने की कोशिश की गई है, खासकर जिस तरह के आज हालात चल रहे हैं, उसे ध्यान में रखकर।
4. पहरेदार पिया की में एक्टिंग के दौरान आपको क्या मुश्किल लगा?
इस सीरियल में हमें एक अलग तरह की राजस्थानी भाषा बोलनी है, जो हममें से किसी को भी नहीं आती। इसलिए हमारे लिए सेट पर एक ट्यूटर रखा गया है। वो हमें उस राजस्थानी स्टाइल में डायलॉग बोलना सिखाता है। बस वही थोड़ा मुश्किल लगता है, जैसे हम नमस्ते बोलते हैं तो राजस्थानी भाषा में खंबा धंडी बोला जाता है।
5. आपने इस सीरियल में काफी भारी-भारी लहंगे पहने हैं तो ऐसे में ड्रेसअप होने और ऐसे गेटअप को फॉलो करने में कितना वक्त लगता है?
मेकअप और ड्रेसिंग में तो ज्यादा वक्त नहीं लगता है। मैं इसमें 18 साल की लड़की बनी हूं, इसलिये मुझे ज्यादा ज्वैलरी या भारी लहंगा नहीं पहनना है। लिहाजा मैं आधा घंटे में तैयार हो जाती हूं। जहां तक इस गेटअप में काम करने के अनुभव की बात है, तो मैंने इससे पहले स्वरागिनी में भी इंडियन ड्रेस और साड़ियां पहनी थी। उस वक्त मेरी मां कहती थी कि मैंने अपने जीवन में इतनी साड़ी नहीं पहनी, जितनी तुमने इस सीरियल में पहन ली है। इत्तेफाक से मुझे साड़ियां और लहंगे पहनने का इतना मौका मिला है कि अब तो मैं आराम से लहंगे और साड़ी कैरी कर पाती हूं।
6. 'पहरेदार पिया की' में आपने काफी खुबसूरत लहंगे पहने हैं। इसका डिजाइनर कौन है?
सीरियल में पहने हुए लहंगों को डिजाइनर शीतल ने डिजाइन किया है। लेकिन मैंने जो शादी के एपिसोड में लंहगा और ज्वैलरी पहनी है। वो डिजाइनर चद्रकांता ने तैयार किया है। ये 'बाजीराव-मस्तानी' के लिए भी ड्रेसेस डिजाइन कर चुकी हैं और अब पद्मावती के लिए भी ड्रेसेस डिजाइन कर रही हैं।
7. अभिनय में आने से पहले आप क्या कर रही थी और क्या शुरू से ही अभिनय में आने का इरादा था?
दरअसल, मैं गणपति बप्पा पर बहुत विश्वास करती हूं। मेरा मानना है कि वो जो चाहते हैं, जैसा चाहते हैं, वैसा ही होता है। वैसे मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स और टेली कम्युनिकेशन में इजीनियरिंग की, लेकिन मेरा नसीब अभिनय में जुड़ा था। इसलिए मुझे इसी क्षेत्र में कामयाबी मिली। मुझे 'संस्कार' सीरियल से काफी अच्छा ब्रेक मिला। इसके बाद मुझे 'स्वरागिनी' से पहचान मिली और अब 'पहरेदार पिया की' में इतना अच्छा किरदार मिला। लिहाजा, मुझे लगता है कि ऊपर वाले का जो इशारा है, हमें वही करना चाहिए।
8. क्या फिल्मों में काम करने में आपकी दिलचस्पी है? अगर हां तो किस डायरेक्टर के साथ काम करने की इच्छा रखती हैं?
फिल्मों में काम तो करना है, लेकिन कोई अच्छा रोल ऑफर हुआ तो। वरना मैं फिल्मों में काम करने के लिए मरी नहीं जा रही हूं कि जो भी रोल मिले उसे मैं तुंरत हां बोल दूं। जहां तक मनपसंद डायरेक्टर का सवाल है तो जरूरी नहीं कि जिसके साथ मैं काम करना चाहूं, वो मेरे साथ भी काम करना चाहे। अब जैसे मेरी बहुत इच्छा है कि मैं रायन गोल्सलिंग के साथ काम करूं, लेकिन क्या वो मुझे जानते भी हैं।
9. आप सीरियलों में काफी साल से हैं। बहुत ज्यादा बिजी होने के चलते क्या आप अपने पुराने दोस्तों से मिल पाती है?
हां, मैं अपने दोस्तों के लिए किसी भी तरह वक्त निकाल लेती हूं। आखिर दोस्तों से ही तो जिंदगी है। अभी जून में मेरा बर्थडे था, तो मैंने अपने सभी दोस्तों के लिए पार्टी रखी थी। बर्थडे पर 'संस्कार' और 'स्वरागिनी' सीरियल में काम कर चुके मेरे सारे ही दोस्त आए थे।
10. 'स्वरागिनी' के जरिए आपकी गायन कला भी सामने आई है। क्या अभी भी आप रियाज करती हैं?
हां, मुझे गाने का बहुत शौक है। इसलिए मुझे जब भी समय मिलता है, मैं रियाज कर लेती हूं। इसके अलावा मुझे डांस का भी शौक है। मैंने भरतनाट्यम भी सीखा है।
11. छोटी उम्र से टीवी इंडस्ट्री से जुड़ने के क्या फायदे नुकसान हैं?
नुकसान तो बस यही है कि घर-परिवार वालों के साथ वक्त बिताने का मौका नहीं मिलता। फायदा ये है कि आपको इतने सारे प्यार करने वाले फैन मिल जाते हैं। नाम-शोहरत और पैसा सभी कुछ मिलता है यहां। मेरे फैन्स चाहते हैं कि मैं सोशल नेटवर्क पर एक्टिव रहूं, ताकि वो मुझसे बात कर पाएं या मेरी फोटोज देख पाएं, लेकिन बहुत ज्यादा बिजी होने के चलते ये पॉसिबल नहीं हो पाता है।
12. आपकी फेवरेट एक्ट्रेस कौन हैं ?
मेरी ऑल टाइम फेवरेट एक्ट्रेस शबाना आजमी हैं, क्योंकि वो सिर्फ अच्छी एक्ट्रेस ही नहीं, इंटेलिजेंट औरत भी हैं। मैंने उनके इंटरव्यूज देखे हैं। मुझे उनके बात करने का स्टाइल बहुत पंसद है।

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